नई दिल्ली: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है और देश का फॉरेक्स रिजर्व 700 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार यह उछाल वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत माना जा रहा है। आंकड़े Reserve Bank of India द्वारा जारी किए गए हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक विदेशी निवेश में बढ़ोतरी, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिरता और निर्यात में सुधार इस बढ़त के प्रमुख कारण हैं। मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार से आयात खर्च और बाहरी झटकों से निपटने की क्षमता बढ़ती है, जिससे देश की वित्तीय स्थिति को सुरक्षा मिलती है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि फॉरेक्स रिजर्व में यह उछाल निवेशकों के भरोसे को मजबूत करेगा और वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक स्थिति को और मजबूत बनाएगा। आने वाले समय में यह स्थिरता आर्थिक विकास और निवेश को गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है।


