नई दिल्ली: सरकार ने एलपीजी परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की योजना बनाई है। नई योजना के तहत 2030 तक सड़कों पर चलने वाले एलपीजी गैस टैंकरों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा और उनकी जगह पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 12,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिसके तहत देशभर में लगभग 2500 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने की योजना है।
सरकार का मानना है कि पाइपलाइन के जरिए एलपीजी परिवहन अधिक सुरक्षित, तेज और किफायती होगा। इससे सड़क हादसों का जोखिम कम होगा, लॉजिस्टिक लागत घटेगी और पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही, ईंधन आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ने से उपभोक्ताओं को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
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यह परियोजना ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार पाइपलाइन नेटवर्क विकसित होने से भविष्य में गैस वितरण प्रणाली अधिक आधुनिक और टिकाऊ बन सकेगी, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।


