नई दिल्ली: संसद में चल रही चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने संविधान में संभावित संशोधनों और परिसीमन को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी बदलाव को बेहद सावधानी और व्यापक सहमति के साथ लागू किया जाना चाहिए, क्योंकि इसका देश के संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक संतुलन पर दूरगामी असर पड़ सकता है।
थरूर ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया यदि सही तरीके से नहीं की गई तो राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़ सकता है। उन्होंने इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा और पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया, ताकि सभी राज्यों और वर्गों की आवाज समान रूप से सुनी जा सके।
उन्होंने सरकार से अपील की कि संविधान से जुड़े किसी भी बड़े कदम से पहले सभी राजनीतिक दलों और हितधारकों को विश्वास में लिया जाए। संसद में इस मुद्दे पर आगे भी विस्तृत बहस होने की संभावना जताई जा रही है।


