नई दिल्ली: पर्यावरण से जुड़े एक अहम मामले की सुनवाई के दौरान Supreme Court of India ने बढ़ते पर्यावरणीय संकट पर गंभीर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में यह संकट तबाही का रूप ले सकता है। न्यायाधीशों ने साफ कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्यता बन चुका है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने खास तौर पर जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण और अनियंत्रित शहरीकरण को गंभीर खतरा बताया। कोर्ट ने कहा कि इन समस्याओं का असर सीधे लोगों के स्वास्थ्य, जीवन और भविष्य पर पड़ रहा है, इसलिए सरकार और संबंधित एजेंसियों को तुरंत प्रभावी कदम उठाने होंगे।
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शीर्ष अदालत की इस टिप्पणी को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोर्ट की सख्त टिप्पणियां सरकारों और प्रशासन को पर्यावरण के मुद्दों पर तेजी से कार्रवाई करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।


