देश में ईंधन कीमतों को लेकर बड़ा संकट सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल पर करीब ₹18 प्रति लीटर और डीजल पर लगभग ₹35 प्रति लीटर तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और घरेलू कीमतों में स्थिरता बनाए रखने की वजह से कंपनियों का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते नुकसान के बावजूद कंपनियां फिलहाल खुदरा कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं कर पा रही हैं। माना जा रहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए ईंधन कीमतों की समीक्षा चुनाव के बाद की जा सकती है। यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी संभव है।
ऊर्जा बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह स्थिति India की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर असर डाल सकती है। आने वाले महीनों में सरकार और तेल कंपनियों के फैसलों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।


