पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच गहराते टकराव से निवेशकों में घबराहट बढ़ी है। दो कारोबारी सत्रों में बाजार पूंजीकरण में करीब 16.32 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
बुधवार को 30 शेयरों वाला BSE Sensex 1,122.66 अंक (1.40%) टूटकर 79,116.19 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,795.65 अंक तक लुढ़ककर 78,443.20 के स्तर पर पहुंच गया था। 28 फरवरी से जारी भू-राजनीतिक संकट के बीच पिछले शुक्रवार से अब तक सेंसेक्स 2,171 अंक यानी 2.67% गिर चुका है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर तेल विपणन कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। Hindustan Petroleum Corporation Limited (एचपीसीएल) 5% से अधिक टूटा, जबकि Bharat Petroleum Corporation Limited और Indian Oil Corporation में भी करीब 5% तक गिरावट दर्ज की गई।
विदेशी मुद्रा बाजार में भी दबाव दिखा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 67 पैसे गिरकर 92.16 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबा खिंचता है और कच्चा तेल महंगा बना रहता है, तो बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।


