स्कूल पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका से जुड़े भ्रष्टाचार संबंधी अंश को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में National Council of Educational Research and Training (NCERT) ने सफाई देते हुए माफी मांगी है और संबंधित किताब की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि किताब में शामिल कुछ सामग्री को लेकर आपत्ति जताई गई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
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एनसीईआरटी ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं है और सामग्री की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी। विवाद बढ़ने के बाद शिक्षा जगत और कानूनी विशेषज्ञों के बीच भी बहस छिड़ गई है। फिलहाल संबंधित पाठ्यपुस्तक को बाजार से हटाने और संशोधन के बाद ही दोबारा जारी करने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।



