China और Canada के बीच जारी कूटनीतिक वार्ता के दौरान उइगर मुस्लिमों के कथित दमन का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। चीनी विदेश मंत्री की यात्रा और बैठकों के बीच मानवाधिकार संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए चीन पर शिनजियांग क्षेत्र में उइगर समुदाय के खिलाफ दमनात्मक नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। इस विरोध के चलते वार्ता के दौरान मानवाधिकार का मुद्दा प्रमुखता से उभरकर सामने आया है।
प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि चीन सरकार उइगर समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगा रही है। वहीं चीन लगातार इन आरोपों को खारिज करता रहा है और अपने कदमों को आतंकवाद तथा कट्टरपंथ के खिलाफ कार्रवाई बताता है। कनाडा में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने चीनी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने की मांग की।
विशेषज्ञों का मानना है कि उइगर मुद्दा लंबे समय से चीन और पश्चिमी देशों के बीच तनाव का कारण बना हुआ है। ऐसे में चीन-कनाडा संबंधों में सुधार की कोशिशों के बीच यह मामला फिर से राजनीतिक और कूटनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों की नजर अब दोनों देशों के बीच होने वाली आगे की वार्ताओं पर टिकी हुई है।


