वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 के दौरान दावोस में भारत की आर्थिक ताकत को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। मंच से एक दिग्गज वैश्विक नेता/उद्योगपति ने कहा कि भारत अब केवल “उभरता बाजार” नहीं रहा, बल्कि एक मजबूत और परिपक्व अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने भारत की स्थिर विकास दर, व्यापक घरेलू बाजार और सुधारों की निरंतरता को इसकी बड़ी ताकत बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था, मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ती क्षमता और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे निवेश ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। ‘मेक इन इंडिया’, स्टार्टअप इकोसिस्टम और टेक्नोलॉजी आधारित समाधानों ने भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में अहम स्थान दिलाया है, जिससे लंबी अवधि में विकास की संभावनाएं और मजबूत होती दिख रही हैं।
दावोस में आए इस बयान को भारत की वैश्विक आर्थिक साख के लिए अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के संदेश से विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और भारत को वैश्विक आर्थिक फैसलों में और प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। WEF 2026 में भारत को लेकर सकारात्मक माहौल निवेशकों और नीति-निर्माताओं दोनों के लिए उत्साहजनक संकेत दे रहा है।


