हाल ही में आई NITI Aayog की रिपोर्ट में सामने आया है कि देशभर में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार घट रही है, जबकि निजी स्कूलों में नामांकन तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक अभिभावक बेहतर शिक्षा गुणवत्ता, अंग्रेजी माध्यम और आधुनिक सुविधाओं के कारण निजी स्कूलों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और सीखने के स्तर में गिरावट जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इसके विपरीत, निजी स्कूल बेहतर बुनियादी ढांचा और परिणाम देने के कारण अभिभावकों का भरोसा जीत रहे हैं। हालांकि, निजी स्कूलों की बढ़ती फीस भी परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा रही है।
नीति आयोग ने सुझाव दिया है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, डिजिटल सुविधाएं बढ़ाने और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर देने की जरूरत है, ताकि सरकारी शिक्षा प्रणाली पर भरोसा फिर से मजबूत किया जा सके।


