अमेरिका के वॉशिंगटन में हुए आतंकी हमले के बाद ट्रंप प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 19 देशों के ग्रीन कार्ड होल्डर्स की सघन जांच करने का फैसला किया है। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और संभावित खतरों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के मुताबिक, जांच का दायरा उन देशों पर केंद्रित होगा जिन्हें उच्च-जोखिम वाले राष्ट्रों की सूची में माना जाता है। नए निर्देशों के तहत ग्रीन कार्ड धारकों के यात्रा इतिहास, वित्तीय गतिविधियों, सोशल मीडिया इस्तेमाल और संभावित संपर्कों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
वॉशिंगटन में हाल ही में हुए हमले ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम जरूरी था।
ट्रंप प्रशासन पहले भी कई बार इमिग्रेशन और सुरक्षा नीतियों को कड़ा करने की बात कह चुका है। इस नए निर्णय के लागू होने के बाद प्रभावित देशों के ग्रीन कार्ड धारकों की अतिरिक्त जांच और पूछताछ बढ़ सकती है।
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मानवाधिकार संगठनों ने इस कदम पर चिंता जताते हुए कहा है कि यह नीतियां कुछ समुदायों को निशाना बना सकती हैं, जबकि सरकार का कहना है कि यह पूरी तरह “सुरक्षा-आधारित निर्णय” है, किसी भी जातीय या धार्मिक समूह के खिलाफ नहीं।
आने वाले दिनों में अमेरिकी इमिग्रेशन व्यवस्था में और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं, जिनके प्रभाव सीधे तौर पर ग्रीन कार्ड और वीज़ा आवेदकों पर पड़ सकते हैं।


