उत्तर प्रदेश में चांदी की कीमतों में आई तेज उछाल ने कारीगरों और कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सर्राफा बाजार में चांदी का भाव तीन लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंचते ही पायल और अन्य चांदी के आभूषण बनाने वाले कारखानों पर सीधा असर पड़ा है। बढ़ती लागत के कारण कई छोटे पायल कारखानों में काम ठप हो गया है और ताले लटकने की नौबत आ गई है।
व्यापारियों का कहना है कि चांदी महंगी होने से ऑर्डर घट गए हैं, जबकि ग्राहकों की खरीद क्षमता भी प्रभावित हुई है। कच्चे माल की कीमत बढ़ने के बावजूद तैयार माल के दाम उतने नहीं बढ़ पा रहे, जिससे मुनाफा खत्म हो गया है। नतीजतन, कई यूनिट्स ने अस्थायी रूप से उत्पादन बंद कर दिया है और कारीगरों को काम के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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सर्राफा कारोबार से जुड़े संगठनों का मानना है कि अगर चांदी के दाम इसी तरह ऊंचे बने रहे तो आने वाले दिनों में रोजगार पर और नकारात्मक असर पड़ सकता है। कारोबारियों ने उम्मीद जताई है कि बाजार में स्थिरता आने से हालात सुधरेंगे, लेकिन फिलहाल चांदी की बढ़ती कीमतें उद्योग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।


