ब्रिटेन की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब देश के रक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के साथ उन्होंने सरकार की रक्षा नीति और बजट आवंटन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं और सैन्य आधुनिकीकरण कार्यक्रमों पर पर्याप्त धनराशि खर्च नहीं की जा रही है, जिससे रक्षा तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
रक्षा मंत्री ने अपने बयान में कहा कि मौजूदा वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए रक्षा क्षेत्र में अधिक निवेश की आवश्यकता है। उनका मानना है कि सेना के आधुनिकीकरण, उपकरणों के उन्नयन और रणनीतिक परियोजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने इसी मुद्दे पर असहमति जताते हुए पद छोड़ने का फैसला किया।
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इस्तीफे के बाद ब्रिटेन की राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार से रक्षा बजट और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा है। वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि रक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्धता बरकरार है और सभी महत्वपूर्ण योजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है।





