Toll Tax विवाद से उठा सवाल
देश में Toll Tax वसूली को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं। हाल ही में एक टोल प्लाजा पर सेना के जवान और टोलकर्मियों के बीच झगड़े के बाद यह बहस और तेज हो गई कि क्या सैनिकों को टोल टैक्स से छूट मिलती है या नहीं।
सोशल मीडिया पर भी ऐसी खबरें वायरल होती रहती हैं कि अगर टोल प्लाजा पर 10 सेकंड से ज्यादा की देरी हो जाए तो बिना शुल्क दिए जाया जा सकता है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम को लेकर चिंता जताई और सवाल उठाया कि जब इतना समय बर्बाद होता है तो फिर टोल क्यों लिया जाए।
टोल टैक्स क्यों वसूला जाता है?
टोल टैक्स से मिलने वाला पैसा देश की आर्थिक व्यवस्था और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बेहद अहम है। इस रकम का इस्तेमाल हाईवे, एक्सप्रेसवे, पुल और सुरंगों के निर्माण और उनकी देखभाल के लिए किया जाता है।
- कारों से कम टोल लिया जाता है।
- ट्रक और बस जैसे भारी वाहन ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए उनसे ज्यादा टोल लिया जाता है।
- लोड क्षमता और पैसेंजर कार यूनिट (PCU) के आधार पर भी टोल टैक्स तय होता है।
- पैदल यात्री और टू-व्हीलर आमतौर पर टोल से मुक्त रहते हैं।
NHAI के नियम और जिम्मेदारी
भारत में टोल टैक्स के नियम नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) बनाती है। इनके अनुसार:
- किस हाईवे/एक्सप्रेसवे पर कितना टोल लगेगा।
- किन्हें छूट मिलेगी।
- और टोल टैक्स वसूली की प्रक्रिया तय की जाती है।
सेना को टोल टैक्स में छूट
भारतीय पथकर अधिनियम, 1901 के तहत:
- सरकारी वाहन से यात्रा कर रहे सैनिकों को टोल टैक्स नहीं देना होता।
- सेना का काफिला भी टोल से मुक्त होता है।
- सैनिक को छूट तभी मिलेगी जब वह ड्यूटी पर हो और सरकारी वाहन में सफर कर रहा हो।
- छुट्टी पर या प्राइवेट गाड़ी से सफर करने वाले सैनिक को आम नागरिकों की तरह टोल टैक्स देना होगा।
क्या टू-व्हीलर को भी देना पड़ता है टोल?
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो दावा करता था कि टू-व्हीलर से भी टोल वसूला जा रहा है।
- NHAI ने स्पष्ट किया कि नेशनल हाईवे पर टू-व्हीलर से कोई टोल नहीं लिया जाता।
- यमुना एक्सप्रेसवे (दिल्ली-आगरा) का मामला अलग है क्योंकि यह YEIDA (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के अधीन है।
- वहां की टोल दरें YEIDA तय करती है।
20 किमी तक टोल छूट
सरकार ने GNSS-आधारित टोल सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत:
- नेशनल हाईवे पर रोजाना यात्रा करने वालों को पहले 20 किमी तक टोल नहीं देना होगा।
- 20 किमी से ज्यादा दूरी पर तय किलोमीटर के हिसाब से टोल लगेगा।
- यह सुविधा FASTag सिस्टम के साथ काम करती है।
साथ ही, जिन लोगों के घर टोल प्लाजा के 20 किमी दायरे में आते हैं, उन्हें भी टोल से छूट मिलती है। इसके लिए पहचान पत्र दिखाना जरूरी है।
टोल प्लाजा पर नियम तोड़ने पर सज़ा
- FASTag न लगाने पर दोगुना शुल्क देना पड़ सकता है।
- कुछ राज्यों में FASTag न होने पर चालान भी काटा जाता है।
- GNSS सिस्टम खराब होने पर जुर्माना लग सकता है।
- टोल प्लाजा पर झगड़ा या तोड़फोड़ करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
टोल प्लाजा से कितनी होती है कमाई?
- जून 2025 तक भारत में 1087 टोल प्लाजा कार्यरत हैं।
- इनमें से 457 पिछले 5 सालों में बने।
- ये टोल प्लाजा रोजाना औसतन 168.24 करोड़ रुपये कमाते हैं।
- यानी सालाना आय करीब 61,408 करोड़ रुपये होती है।
निष्कर्ष:
भारत में टोल टैक्स सिर्फ पैसा वसूलने का जरिया नहीं, बल्कि सड़कों को बेहतर बनाने और उनकी मरम्मत के लिए जरूरी है। हालांकि, सेना, टू-व्हीलर और टोल प्लाजा से 20 किमी दायरे में रहने वालों को छूट दी जाती है।
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