रायपुर : छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव तैयार करने के लिए जनगणना का काम शुरू हो गया है। अभी 30 अप्रैल तक कोई भी ऑनलाइन स्व-गणना कर सकता है। इसी बीच मकानों की नंबरिंग का काम भी शुरू हो गया है। इसके बाद 1 मई से प्रगणक आपके घर पहुंचेंगे और 33 बिंदुओं पर सवाल जवाब करेंगे। इस दौरान आपके द्वारा दी गई जानकारी भविष्य में सरकारी योजना बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि जब प्रगणक आपके घर पहुंचे, जो उनके 33 सवालों के सही जवाब दें, नहीं तो जुर्माना और सजा दोनों हो सकती है।
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इस पर डिजिटल जनगणना हो रही है। जब प्रगणक आपके घर पहुंचे तो जनगणना के सवालों का सही जवाब देना अनिवार्य है। जनगणना के दौरान यदि कोई अपने बारे में गलत जानकारी दर्ज कराता है तो उस पर 1 हजार रुपए का जुर्माना लग सकता है। यही नहीं, जनगणना में बाधा डालने पर भी जुर्माने का प्रावधान है। जनगणना में बाधा डालने पर भी 1 हजार के जुर्माने का प्रावधान है। कोई कर्मचारी ड्यूटी से इनकार करता है तो तीन साल तक कैद हो सकती है। नोटिफिकेशन के अनुसार, जनगणना के दौरान कोई भी व्यक्ति अपने मकान पर पोस्टर चिपकाने या नंबर आदि लिखने से भी इनकार नहीं कर सकता। पोस्टर हटाने या लिखा हुआ मिटाए जाने पर भी आप कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
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ऐसे होगी कार्रवाई
जुर्माना और सजायदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है या सहयोग नहीं करता है, तो उस पर 1,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।कानूनी कार्रवाई जनगणना अधिनियम की धारा 11 के तहत, गलत जानकारी देना दंडनीय अपराध है। 33 सवाल अनिवार्यजनगणना के दौरान 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनका सही जवाब देना हर नागरिक का कानूनी कर्तव्य है।कर्मियों के लिए भी नियमयदि जनगणना कर्मचारी लापरवाही करते हैं या गलत डेटा दर्ज करते हैं, तो उन्हें भी सजा का सामना करना पड़ सकता है। डिजिटल प्रक्रियाइस बार डेटा सीधे मोबाइल ऐप (डिजिटल फॉर्म) में भरा जाएगा, जिससे गलती होने पर तुरंत पता चल जाएगा।
आप यह करें- जनगणना कर्मचारियों के साथ सहयोग करें- पूछे गए सभी सवालों का सही और सटीक जवाब दें- यदि आप स्वयं जानकारी भर रहे हैं (स्व-गणना), तो आधिकारिक पोर्टल पर सही डेटा दर्ज करें।


