दुनिया भर में बढ़ती गर्मी और चरम मौसम ने कृषि चक्र को गंभीर रूप से प्रभावित करना शुरू कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि लगातार बढ़ते तापमान और लंबे हीटवेव के कारण खेती की पारंपरिक समय-सारिणी बिगड़ रही है, जिससे खाद्य उत्पादन पर बड़ा असर पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, यह संकट विशेष रूप से एशिया और अफ्रीका के कई हिस्सों में तेजी से गहराता जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि असामान्य गर्मी के कारण फसलों की पैदावार घट रही है, पानी की कमी बढ़ रही है और मिट्टी की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। इसका सीधा असर खाद्य कीमतों और वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने अनुमान जताया है कि इस स्थिति से करीब 100 करोड़ लोग प्रभावित हो सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने देशों से जलवायु अनुकूल खेती, जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि नीतियों पर तेजी से काम करने की अपील की है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में खाद्य संकट और गहरा सकता है।


