Home Alert: सर्दियों में बार-बार लगता है करंट जैसा झटका? जानिए इसकी चौंकाने वाली वजह और बचाव के आसान उपाय
सर्दियों में दरवाजे का हैंडल छूते ही उंगली में हल्की चुभन महसूस होना, स्वेटर उतारते समय चट-चट की आवाज आना या किसी व्यक्ति को छूने पर अचानक झटका लगना कई घरों में आम अनुभव है। ऐसे में अक्सर लगता है कि कहीं बिजली का करंट तो नहीं फैल रहा। लेकिन अगर यह झटका खासतौर पर सूखे मौसम में होता है और कुछ खास सतहों को छूने पर ही महसूस होता है, तो इसकी वजह स्थैतिक बिजली यानी स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी हो सकती है।
इस घटना के पीछे विज्ञान का एक दिलचस्प सिद्धांत काम करता है। इसे समझने से न केवल बेवजह की चिंता कम होती है, बल्कि यह पहचानने में भी मदद मिलती है कि सामान्य स्टैटिक शॉक कब है और किन परिस्थितियों में बिजली की वास्तविक समस्या की जांच जरूरी है।
आखिर शरीर में बिजली जमा कैसे होती है?
हमारे आसपास मौजूद हर वस्तु परमाणुओं से बनी है। परमाणुओं में इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन जैसे आवेशित कण होते हैं। सामान्य परिस्थितियों में किसी वस्तु का कुल विद्युत आवेश संतुलित रहता है। लेकिन जब दो अलग-अलग सतहें आपस में रगड़ती हैं, तो उनके बीच इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण हो सकता है।
इस प्रक्रिया के बाद एक सतह पर अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन जमा हो सकते हैं, जबकि दूसरी सतह पर इलेक्ट्रॉनों की कमी हो सकती है। इससे विद्युत आवेश का असंतुलन पैदा होता है। यही असंतुलन स्थैतिक बिजली का आधार है।
उदाहरण के लिए, कालीन पर चलते समय जूते और कालीन के बीच घर्षण हो सकता है। इसी तरह ऊनी स्वेटर उतारने, बालों में कंघी करने या कुछ प्रकार के कपड़ों को आपस में रगड़ने से भी शरीर पर चार्ज जमा हो सकता है।
धातु का हैंडल छूते ही झटका क्यों लगता है?
मान लीजिए आप कालीन पर चलकर कमरे के दरवाजे तक पहुंचते हैं और हैंडल पकड़ते ही उंगली में झटका महसूस होता है। कई मामलों में इसकी वजह यह होती है कि आपके शरीर पर जमा चार्ज धातु के संपर्क में आते ही तेजी से स्थानांतरित हो जाता है।
धातु बिजली की अच्छी चालक होती है। जब शरीर और धातु के बीच विद्युत विभव का अंतर होता है, तो संपर्क के समय चार्ज का तेज डिस्चार्ज हो सकता है। यही छोटी-सी घटना उंगली में चुभन या हल्के झटके के रूप में महसूस होती है। कभी-कभी बहुत छोटी चिंगारी भी दिखाई दे सकती है।
इसलिए हर बार हैंडल छूने पर झटका लगने का अर्थ यह नहीं कि हैंडल में बिजली का तार जुड़ा है। लेकिन यदि किसी नल, उपकरण या धातु की सतह को छूने पर बार-बार झटका लगता है, खासकर जब वह किसी विद्युत उपकरण के पास हो, तो इसे केवल स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सर्दियों में यह समस्या ज्यादा क्यों होती है?
स्टैटिक शॉक की शिकायत ठंड के मौसम में बढ़ने की एक प्रमुख वजह हवा में नमी का कम होना है। नम हवा में जमा विद्युत आवेश धीरे-धीरे फैलने या खत्म होने में मदद मिल सकती है। इसके विपरीत, शुष्क वातावरण में चार्ज लंबे समय तक सतह या शरीर पर बना रह सकता है।
सर्दियों में ऊनी कपड़े, सिंथेटिक फैब्रिक, कालीन और रबर की सोल वाले जूते भी इस प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकते हैं। जब शरीर पर जमा चार्ज को निकलने का रास्ता नहीं मिलता, तो किसी चालक सतह को छूते ही अचानक डिस्चार्ज हो सकता है।
यही कारण है कि एक ही व्यक्ति को गर्मियों में कम और सर्दियों में ज्यादा झटके महसूस हो सकते हैं। हालांकि, इसका अनुभव घर की नमी, कपड़ों, फर्श और जूतों के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होता है।
घर में स्टैटिक शॉक कम करने के 5 आसान तरीके
1. कमरे में नमी का संतुलन बनाए रखें
यदि घर की हवा बहुत सूखी है, तो ह्यूमिडिफायर की मदद से नमी बढ़ाना उपयोगी हो सकता है। नमी को जरूरत से ज्यादा न बढ़ाएं, क्योंकि अत्यधिक नमी से फफूंद और सीलन की समस्या पैदा हो सकती है।
2. त्वचा को मॉइस्चराइज रखें
बहुत सूखी त्वचा में स्टैटिक चार्ज से जुड़ी परेशानी ज्यादा महसूस हो सकती है। नियमित मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा का रूखापन कम करने में मदद मिल सकती है। यह उपाय हर स्थिति में झटके रोकने की गारंटी नहीं देता, लेकिन आराम दे सकता है।
3. कपड़ों और जूतों पर ध्यान दें
कुछ सिंथेटिक और ऊनी कपड़ों तथा रबर की सोल वाले जूतों के साथ स्टैटिक चार्ज अधिक जमा हो सकता है। यदि समस्या बार-बार हो रही है, तो अलग कपड़े या जूते पहनकर देखें कि क्या इससे फर्क पड़ता है।
4. कालीन और सूखी सतहों पर ध्यान दें
कालीन पर चलते समय घर्षण के कारण चार्ज जमा हो सकता है। कमरे की नमी संतुलित रखने और अलग प्रकार के फुटवियर आजमाने से कुछ लोगों को राहत मिल सकती है।
5. झटका लगने की परिस्थितियों पर नजर रखें
यदि झटका केवल कालीन पर चलने या स्वेटर उतारने के बाद धातु छूने पर होता है, तो यह स्टैटिक शॉक हो सकता है। लेकिन यदि नल, वॉशिंग मशीन, फ्रिज या दूसरे विद्युत उपकरणों को छूने पर लगातार झटका महसूस हो, तो उपकरण का इस्तेमाल बंद करें और योग्य इलेक्ट्रीशियन से अर्थिंग तथा वायरिंग की जांच कराएं।
क्या स्टैटिक शॉक खतरनाक होता है?
सामान्य घरेलू स्टैटिक शॉक आमतौर पर बहुत कम समय तक रहता है और स्वस्थ व्यक्ति के लिए गंभीर नुकसान का कारण नहीं बनता। फिर भी इससे अचानक हाथ खींचने, चौंकने या संतुलन बिगड़ने का जोखिम हो सकता है।
एक महत्वपूर्ण सावधानी यह भी है कि ज्वलनशील गैस, पेट्रोल के वाष्प या दूसरे आसानी से आग पकड़ने वाले पदार्थों के आसपास स्टैटिक डिस्चार्ज खतरनाक हो सकता है। ऐसी जगहों पर सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है।
इसके अलावा, बिजली के वास्तविक रिसाव और स्टैटिक शॉक में अंतर करना बेहद महत्वपूर्ण है। यदि किसी उपकरण या धातु की सतह को छूते ही बार-बार झटका लगे, तो खुद तार या अर्थिंग ठीक करने की कोशिश न करें। बिजली की जांच प्रशिक्षित व्यक्ति से ही कराएं।
सर्दियों में छोटी सावधानी से मिल सकती है राहत
दरवाजे का हैंडल छूते समय होने वाला हल्का झटका कई बार किसी खराब वायरिंग का संकेत नहीं, बल्कि सूखे मौसम में जमा हुए विद्युत आवेश का परिणाम होता है। कमरे में उचित नमी बनाए रखना, त्वचा का रूखापन कम करना और कपड़ों व जूतों पर ध्यान देना इस परेशानी को घटाने में मदद कर सकता है।
लेकिन सुरक्षा के मामले में अनुमान लगाने से बचना चाहिए। यदि झटका किसी विद्युत उपकरण से जुड़ा हो या बार-बार असामान्य तरीके से महसूस हो, तो उसकी जांच कराना सबसे सुरक्षित कदम है।




