महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक इस अहम मुद्दे पर चर्चा के लिए Parliament of India का विशेष सत्र 16 तारीख से बुलाया गया है। हालांकि सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि अब तक बिल का ड्राफ्ट साझा नहीं किया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
विपक्षी दलों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा से पहले सभी पार्टियों को ड्राफ्ट उपलब्ध कराना जरूरी था, ताकि सार्थक बहस हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जल्दबाजी में बिल पेश करना चाहती है, जबकि इस पर व्यापक सहमति बनाना आवश्यक है। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए यह ऐतिहासिक कदम होगा।
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महिला आरक्षण बिल लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है और इसे संसद व विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब विशेष सत्र में होने वाली बहस और फैसले पर देशभर की नजरें टिकी हैं।


