संदीप लकड़ा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया समेत 100 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई; राज्य सरकार ने कहा- वेतनमान संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि विभाग के कर्मचारियों के वेतनमान और अन्य पारिश्रमिक में संशोधन से जुड़े मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट में 18 सितंबर 2026 को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। संदीप लकड़ा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया समेत 100 से अधिक याचिकाओं के संयुक्त बैच पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ताओं के वेतनमान में संशोधन के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
मामले की सुनवाई जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की अदालत में हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दीपाली पांडेय ने पक्ष रखा। वहीं केंद्र और राज्य सरकार की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा, अतिरिक्त महाधिवक्ता गैरी मुखोपाध्याय, शासकीय अधिवक्ता शैलजा शुक्ला सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।
सरकार ने वेतनमान संशोधन की जानकारी दी
हाईकोर्ट के पूर्व निर्देश के अनुसार कृषि संचालक एवं जिला रायपुर राहुल देव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए। इस दौरान कर्मचारियों के वेतन और पारिश्रमिक में संशोधन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हुई।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि याचिकाकर्ताओं के वेतनमान में संशोधन के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। हालांकि, अदालत ने केवल मौखिक जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय सरकार से प्रस्ताव का विस्तृत स्वरूप लिखित रूप में प्रस्तुत करने को कहा।
5 अक्टूबर तक देना होगा लिखित प्रस्ताव
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि प्रस्तावित वेतनमान संशोधन से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव 5 अक्टूबर 2026 तक अदालत के समक्ष दाखिल किया जाए। इससे अदालत के रिकॉर्ड में यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकार कर्मचारियों के वेतनमान में किस प्रकार का संशोधन प्रस्तावित कर रही है।
अगली सुनवाई में सरकार द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के आधार पर मामले की आगे की कार्यवाही होगी। फिलहाल अदालत ने वेतन या भत्ते में किसी बढ़ोतरी को मंजूरी नहीं दी है।
सात अन्य याचिकाओं पर भी हुई चर्चा
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि इसी मुद्दे से संबंधित सात अन्य याचिकाएं लंबित हैं। ये मामले वर्तमान संयुक्त बैच के साथ इसी बेंच को आवंटित नहीं किए गए हैं।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि इन सातों मामलों को उचित आदेश के लिए चीफ जस्टिस के समक्ष रखा जाए। इसके बाद लिस्टिंग को लेकर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने कहा कि चीफ जस्टिस की ओर से लिस्टिंग संबंधी आदेश जारी होने के बाद संबंधित मामलों को 5 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
क्या है अभी की स्थिति? कृषि विभाग के कर्मचारियों के वेतन या भत्ते में बढ़ोतरी अभी स्वीकृत नहीं हुई है। वर्तमान स्थिति में राज्य सरकार वेतनमान संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर रही है और उसे 5 अक्टूबर तक हाईकोर्ट में पेश करना होगा। इसके बाद अदालत मामले में आगे का निर्णय लेगी।



