भारत और भूटान के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को और मजबूत करने वाला एक ऐतिहासिक कदम सामने आया है। भारत से बौद्ध परंपरा की सबसे पूजनीय वस्तु (पवित्र अवशेष) भूटान पहुंची है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारत-भूटान की गहरी मित्रता और साझा आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है।
जानकारी के अनुसार, यह पवित्र अवशेष भारत के राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली से विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत भूटान भेजे गए हैं। इन्हें वहां भूटान के राष्ट्रीय संग्रहालय और प्रमुख बौद्ध मठों में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा जाएगा।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए लिखा,
“बौद्ध परंपरा की पूजनीय वस्तु के भूटान पहुंचने से भारत और भूटान के बीच सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे। मैं भूटान की सरकार और वहां के लोगों का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।”
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भूटान सरकार ने भी भारत के प्रति कृतज्ञता जताते हुए कहा कि यह अवशेष दोनों देशों के बीच बौद्ध धर्म की साझा विरासत और गहरी आस्था का प्रतीक हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बौद्ध धर्म से जुड़ी यह पवित्र वस्तु भारत की प्राचीन धरोहरों में से एक है, जो भगवान बुद्ध के उपदेशों और करुणा के संदेश को आगे बढ़ाती है।


