रूस की संसद में कितनी सीटें हैं? ऐसे होता है चुनाव, 450 सीटों वाली ड्यूमा का पूरा गणित
मॉस्को: रूस में सितंबर 2026 के संसदीय चुनाव के नतीजे सामने आने के साथ एक बार फिर वहां की चुनावी व्यवस्था चर्चा में है। यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस में हुआ पहला स्टेट ड्यूमा चुनाव है।
21 सितंबर तक 95% से ज्यादा वोटों की गिनती में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की समर्थक यूनाइटेड रशिया को 57.83% वोट मिले और उपलब्ध परिणामों के अनुसार पार्टी 450 सदस्यीय स्टेट ड्यूमा में 355 सीटों की ओर बढ़ रही थी।
लेकिन रूस की संसद को समझने के लिए केवल यह जानना पर्याप्त नहीं है कि किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं। असली सवाल यह है कि रूस में संसद के कितने सदन हैं, जनता किन प्रतिनिधियों को सीधे चुनती है और 450 सीटों वाली ड्यूमा का चुनाव किस फॉर्मूले से होता है?
रूस की संसद दो सदनों से मिलकर बनी है
रूस की संघीय संसद को Federal Assembly यानी संघीय विधानसभा कहा जाता है। इसकी संरचना दो सदनों वाली है:
- State Duma (राज्य ड्यूमा) — 450 सदस्य
- Federation Council (फेडरेशन काउंसिल) — 170 सदस्य
इन दोनों सदनों की भूमिका और सदस्यों के चयन का तरीका अलग है। रूस की संसद के आधिकारिक दस्तावेजों में भी 450 ड्यूमा सदस्यों और 170 फेडरेशन काउंसिल सदस्यों की संरचना दर्ज है।
सबसे महत्वपूर्ण अंतर यह है कि आम मतदाता स्टेट ड्यूमा के लिए मतदान करते हैं, जबकि फेडरेशन काउंसिल के सदस्य सीधे राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में जनता द्वारा नहीं चुने जाते।
450 सीटों वाली स्टेट ड्यूमा का चुनाव कैसे होता है?
स्टेट ड्यूमा की 450 सीटों को दो हिस्सों में बांटा गया है:
225 सीटें — पार्टी सूची के आधार पर
इन सीटों के लिए मतदाता राजनीतिक दल को वोट देते हैं। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर पार्टियों को मिले वोट के अनुपात के आधार पर सीटों का वितरण किया जाता है।
इस व्यवस्था में सामान्य तौर पर 5% वोट की सीमा महत्वपूर्ण है। यानी राष्ट्रीय पार्टी-लिस्ट हिस्से से सीट पाने के लिए किसी पार्टी को निर्धारित चुनावी सीमा पार करनी होती है।
225 सीटें — एकल निर्वाचन क्षेत्र
बाकी आधी सीटों के लिए देश को 225 एकल-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्रों में बांटा जाता है। यहां मतदाता किसी विशेष उम्मीदवार को वोट देते हैं और जिस उम्मीदवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वह सीट जीतता है।
इस तरह रूस की ड्यूमा प्रणाली में पार्टी आधारित राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व और क्षेत्रीय उम्मीदवार आधारित चुनाव, दोनों को जोड़ा गया है।
यानी मतदाता दो वोट डालते हैं
इसे आसान भाषा में समझें तो ड्यूमा चुनाव में मतदाता के सामने दो अलग विकल्प होते हैं।
पहला वोट: राजनीतिक पार्टी के लिए।
दूसरा वोट: अपने निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार के लिए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि संसद में एक तरफ राष्ट्रीय स्तर पर पार्टियों का प्रतिनिधित्व हो और दूसरी तरफ अलग-अलग क्षेत्रों से सीधे चुने गए सांसद भी मौजूद रहें।
फेडरेशन काउंसिल में जनता सीधे वोट क्यों नहीं देती?
रूस की संसद के ऊपरी सदन फेडरेशन काउंसिल का मॉडल ड्यूमा से अलग है।
इसमें 170 सदस्य होते हैं और वे राष्ट्रीय स्तर के एक सामान्य संसदीय चुनाव में सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते। फेडरेशन काउंसिल का ढांचा रूस के संघीय क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व से जुड़ा हुआ है।
यही वजह है कि रूस की संसद को समझते समय ड्यूमा और फेडरेशन काउंसिल को एक ही तरह की चुनावी संस्था मानना सही नहीं होगा।
ड्यूमा का कार्यकाल कितना होता है?
स्टेट ड्यूमा के सदस्यों का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है।
इसलिए प्रत्येक संसदीय चुनाव के बाद 450 सदस्यीय निचले सदन की राजनीतिक संरचना बदल सकती है। किसी पार्टी को पार्टी-लिस्ट वाले हिस्से में मिले वोट और उसके उम्मीदवारों के निर्वाचन क्षेत्रों में प्रदर्शन—दोनों मिलकर उसकी कुल सीट संख्या निर्धारित करते हैं।
2026 के चुनाव में क्या हुआ?
2026 का चुनाव रूस के लिए सामान्य संसदीय चुनाव से अधिक राजनीतिक महत्व रखता है। यह यूक्रेन में पूर्ण पैमाने के युद्ध की शुरुआत के बाद पहला स्टेट ड्यूमा चुनाव था। राष्ट्रपति पुतिन ने चुनाव को सरकार और युद्ध नीति के लिए जनसमर्थन के संकेतक के रूप में पेश किया था।
21 सितंबर को उपलब्ध लगभग पूर्ण परिणामों में यूनाइटेड रशिया को 57.83% वोट और 355 सीटें मिलने की जानकारी दी गई। 2021 के चुनाव में पार्टी का वोट शेयर 49.8% था।
कम्युनिस्ट पार्टी को 13.81%, LDPR को 8.98% और New People पार्टी को 7.96% वोट मिलने की रिपोर्ट है।
इन आंकड़ों को केवल सीटों की संख्या के रूप में देखना पर्याप्त नहीं है। रूस की वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था में चुनावी प्रतिस्पर्धा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठाए गए हैं। Reuters ने रिपोर्ट किया कि अधिकांश प्रमुख विपक्षी या युद्ध-विरोधी उम्मीदवारों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखा गया था और विपक्षी कार्यकर्ताओं ने अनियमितताओं के आरोप लगाए। रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग ने प्रक्रिया को वैध बताया और धांधली के आरोपों को खारिज किया।
355 सीटों का क्या मतलब है?
450 सदस्यीय ड्यूमा में 355 सीटों का आंकड़ा एक पार्टी को बहुत बड़ा संसदीय बहुमत देता है। उपलब्ध परिणामों के अनुसार यूनाइटेड रशिया इस संख्या के साथ संवैधानिक बहुमत बनाए रखने की स्थिति में है।
इसका व्यावहारिक महत्व यह है कि संसद में कानून बनाने और संवैधानिक बदलावों से जुड़े मामलों में पार्टी की स्थिति बेहद मजबूत रहती है। हालांकि किसी भी कानून की वास्तविक प्रक्रिया रूस के संवैधानिक और संसदीय नियमों के तहत ही चलती है।
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रूस का चुनावी मॉडल समझना क्यों जरूरी है?
रूस की चुनावी व्यवस्था इस बात का उदाहरण है कि किसी देश में संसद की सीटें केवल एक ही तरीके से भरी जाना जरूरी नहीं है।
यहां निचले सदन में 225 सीटें पार्टी सूची और 225 सीटें एकल निर्वाचन क्षेत्रों से आती हैं। दूसरी तरफ ऊपरी सदन का गठन संघीय क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व पर आधारित है।
इसलिए रूस के चुनाव परिणाम को समझने के लिए केवल वोट प्रतिशत देखना पर्याप्त नहीं है। यह देखना भी जरूरी है कि वोट किस प्रकार सीटों में बदले, किस हिस्से में पार्टी सूची लागू हुई और किन सीटों पर उम्मीदवार सीधे निर्वाचित हुए।
चुनाव के बाद रूस की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
2026 के नतीजे फिलहाल संसद में यूनाइटेड रशिया की मजबूत स्थिति को कायम रखते दिखाई देते हैं। Reuters के अनुसार पार्टी 355 सीटों के साथ अपना संवैधानिक बहुमत बनाए रखने की स्थिति में है।
युद्ध, अर्थव्यवस्था और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर रूस की सरकार की दिशा में संसद की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। इसलिए इस चुनाव का महत्व केवल अगले पांच वर्षों के लिए सांसद चुनने तक सीमित नहीं है; यह रूस की घरेलू कानून-निर्माण प्रक्रिया और सरकार की नीतियों को संसदीय समर्थन मिलने की तस्वीर भी प्रस्तुत करता है।
हालांकि चुनावी प्रक्रिया को लेकर रूसी अधिकारियों और आलोचकों के आकलन में स्पष्ट अंतर मौजूद है। इसलिए 2026 के परिणामों को समझते समय आधिकारिक चुनावी आंकड़ों और चुनाव प्रक्रिया पर उठाई गई स्वतंत्र आलोचनाओं—दोनों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।
एक नजर में रूस की संसद
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| संसद का नाम | Federal Assembly |
| सदन | 2 |
| निचला सदन | State Duma |
| ड्यूमा की सीटें | 450 |
| ड्यूमा का कार्यकाल | 5 वर्ष |
| पार्टी सूची से सीटें | 225 |
| एकल निर्वाचन क्षेत्र | 225 |
| ऊपरी सदन | Federation Council |
| फेडरेशन काउंसिल सदस्य | 170 |
| 2026 में यूनाइटेड रशिया | 355 सीटें, उपलब्ध 95%+ मतगणना के आधार पर |



