क्या US में भारतीयों के खिलाफ नफरत बढ़ रही है—यह सवाल हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तेज ट्रोलिंग और विवादित टिप्पणियों के बाद उठने लगा है। कई मामलों में भारतीय प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स को निशाना बनाते हुए नफरत भरे पोस्ट वायरल हुए, जिसके चलते बड़ी टेक और सोशल मीडिया कंपनियां भी कटघरे में आ गई हैं। आलोचकों का कहना है कि कंटेंट मॉडरेशन की कमजोरियों के कारण ऐसे पोस्ट समय पर हटाए नहीं जाते, जिससे नफरत को बढ़ावा मिलता है।
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जानकारों के मुताबिक, इसकी एक बड़ी वजह US में जॉब मार्केट का दबाव, इमिग्रेशन पॉलिसी को लेकर बहस और चुनावी माहौल में बढ़ता ध्रुवीकरण है। H-1B वीजा जैसे मुद्दों पर गलत सूचनाएं भी सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती हैं, जो ट्रोलिंग को हवा देती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों को सख्त मॉडरेशन, फैक्ट-चेकिंग और समुदाय-आधारित रिपोर्टिंग तंत्र मजबूत करना होगा, ताकि नफरत और भेदभाव पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।


