शेयर बाजार में हेरफेर के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। रेगुलेटर ने RGRL शेयर में कथित गड़बड़ी के मामले में 18 संस्थाओं पर कुल 2.8 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही इन सभी पर पांच साल के लिए बाजार से प्रतिबंध भी लगा दिया गया है, जिससे वे किसी भी तरह की ट्रेडिंग गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
सेबी की जांच में सामने आया कि इन संस्थाओं ने शेयर की कीमतों को कृत्रिम रूप से प्रभावित करने के लिए संगठित तरीके से ट्रेडिंग की। इस तरह की गतिविधियों से निवेशकों को नुकसान पहुंचता है और बाजार की पारदर्शिता पर भी असर पड़ता है। रेगुलेटर ने कहा कि इस तरह के मामलों में सख्ती बरतना जरूरी है ताकि निवेशकों का भरोसा बना रहे।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से बाजार में अनुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। सेबी की यह सख्ती अन्य कंपनियों और संस्थाओं के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि किसी भी प्रकार की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निवेशकों को भी सलाह दी गई है कि वे निवेश करते समय सतर्क रहें और केवल विश्वसनीय जानकारी के आधार पर ही निर्णय लें।


