Culture Fest: राजनांदगांव में भव्य आयोजन, 50 हजार लोगों के हनुमान चालीसा पाठ का रिकॉर्ड दावा
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 15 अक्टूबर को आयोजित ‘राग नांदगांव’ कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था, संगीत और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को एक ही मंच पर ला दिया। दिग्विजय स्टेडियम में हुए इस आयोजन में करीब 50 हजार लोगों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। आयोजकों के मुताबिक, इस सामूहिक पाठ को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। कार्यक्रम में बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।
विधानसभा अध्यक्ष और राजनांदगांव के विधायक डॉ. रमन सिंह के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। देर रात तक चले आयोजन में धार्मिक अनुष्ठान के साथ संगीत और सार्वजनिक सहभागिता देखने को मिली।
सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ बना आयोजन का प्रमुख आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे उल्लेखनीय दृश्य तब सामने आया, जब हजारों लोगों ने एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। आयोजकों के अनुसार, इसमें करीब 50 हजार लोगों की भागीदारी रही और इसे वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों का किसी एक धार्मिक गतिविधि में शामिल होना आयोजन की व्यवस्थागत क्षमता और सामूहिक भागीदारी, दोनों को दर्शाता है। हालांकि, रिकॉर्ड से संबंधित दावे की स्वतंत्र पुष्टि और उसके आधिकारिक विवरण को अलग से देखना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. रमन सिंह के आह्वान पर लोगों ने अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर स्टेडियम को रोशन किया। हजारों रोशनियों का यह दृश्य आयोजन के यादगार क्षणों में शामिल रहा।
जुबिन नौटियाल के गीतों ने जोड़ा संगीत का रंग
धार्मिक कार्यक्रम के बाद संगीत ने दर्शकों को बांधे रखा। गायक जुबिन नौटियाल ने ‘एक मुलाकात’, ‘बहुत आई गई यादें मगर’, ‘मेरे घर राम आए हैं’ और ‘श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी’ जैसे गीत प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की खासियत यह रही कि इसमें भक्ति से जुड़े गीतों के साथ लोकप्रिय संगीत को भी जगह मिली। ऐसे आयोजन अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों को एक साझा सार्वजनिक मंच पर लाते हैं। इससे सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि शहर के सामाजिक जीवन का हिस्सा भी बनते हैं।
राजनांदगांव से डॉ. रमन सिंह का जुड़ाव रहा संबोधन का केंद्र
अपने संबोधन में डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव के लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने अपने करीब चार दशक के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस शहर ने उनके सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने राजनांदगांव को अपनी पहचान और राजनीतिक यात्रा से जुड़ा बताया।
कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। कृषि मंत्री रामविचार नेताम, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, स्कूल शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री गजेन्द्र यादव, वन मंत्री केदार कश्यप और खाद्य मंत्री दयालदास बघेल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) जैसी पहलों का उल्लेख किया। ये टिप्पणियां कार्यक्रम के राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े पहलू को भी सामने लाती हैं।
सांस्कृतिक पहचान को मिला बड़ा मंच
राजनांदगांव की पहचान केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। साहित्य और कला के क्षेत्र में भी इस शहर का ऐतिहासिक महत्व रहा है। साहित्यकार गजानन माधव मुक्तिबोध, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र जैसी विभूतियों का इससे जुड़ाव इसकी सांस्कृतिक विरासत को विशिष्ट बनाता है।
ऐसे बड़े आयोजनों से स्थानीय पहचान को व्यापक मंच मिलता है। यदि इनके साथ स्थानीय कलाकारों, साहित्यिक गतिविधियों और क्षेत्रीय सांस्कृतिक परंपराओं को भी पर्याप्त जगह मिले, तो इनका प्रभाव एक दिन के कार्यक्रम से आगे बढ़ सकता है।
बड़े आयोजनों के साथ व्यवस्थाओं पर भी ध्यान जरूरी
हजारों लोगों की भागीदारी वाले कार्यक्रमों में मंच और ध्वनि व्यवस्था के साथ सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और आपातकालीन चिकित्सा जैसी सुविधाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। आयोजन की सफलता का आकलन केवल दर्शकों की संख्या या मंचीय प्रस्तुतियों से नहीं, बल्कि इन व्यवस्थाओं और नागरिकों के अनुभव से भी किया जाना चाहिए।
भविष्य में ऐसे सांस्कृतिक उत्सवों को स्थानीय पर्यटन, कलाकारों के अवसर और शहर की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की संभावनाएं भी बन सकती हैं। इसके लिए आयोजन की योजना में स्थानीय प्रतिभाओं, साहित्यिक संस्थाओं और सांस्कृतिक समूहों की भागीदारी बढ़ाना उपयोगी होगा।
कुल मिलाकर, Rajnandgaon Rag Nandgaon Festival ने धार्मिक आस्था, लोकप्रिय संगीत और स्थानीय पहचान को एक साझा मंच पर प्रस्तुत किया। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ को लेकर आयोजकों का रिकॉर्ड दावा चर्चा में रहा, जबकि जुबिन नौटियाल की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को संगीत का रंग दिया। इस आयोजन की दीर्घकालिक अहमियत इस बात से तय होगी कि ऐसी पहलें राजनांदगांव की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय सहभागिता को आगे बढ़ाने में कितनी भूमिका निभाती हैं।




