राजस्थान पुलिस की साइबर एडवाइजरी में लॉटरी और इनाम वाले फर्जी संदेशों से सावधान रहने की अपील; संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत करने की सलाह
जयपुर। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान में पुलिस लगातार लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड के नए तरीकों के प्रति जागरूक कर रही है। खास तौर पर ऐसे SMS, WhatsApp संदेश और फोन कॉल से सावधान रहने की सलाह दी जा रही है, जिनमें किसी व्यक्ति को लाखों रुपये का इनाम जीतने की जानकारी दी जाती है। राजस्थान सरकार के साइबर सुरक्षा पोर्टल पर “Lottery Messages Scam” को लेकर 29 जून 2026 को अलग एडवाइजरी भी सूचीबद्ध है।
साइबर ठग लोगों को आकर्षित करने के लिए संदेश में यह दावा कर सकते हैं कि उनके नाम पर 5 लाख रुपये, कार या कोई अन्य बड़ा इनाम निकला है। इसके बाद इनाम प्राप्त करने के लिए लिंक खोलने, किसी नंबर पर संपर्क करने या कुछ शुल्क जमा करने के लिए कहा जा सकता है। ऐसे मामलों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिना सत्यापन के किसी भी दावे पर भरोसा न किया जाए।
इनाम का लालच देकर बनाया जाता है निशाना
ठगी के इस तरीके में पहले पीड़ित को आकर्षक इनाम की जानकारी दी जाती है। इसके बाद कथित तौर पर टैक्स, GST, प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन या डिलीवरी चार्ज के नाम पर पैसे मांगे जा सकते हैं। कई बार ठग लगातार अलग-अलग कारण बताकर भुगतान कराने की कोशिश करते हैं।
कुछ मामलों में फर्जी वेबसाइट या लिंक का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। देखने में ऐसी वेबसाइट किसी जानी-पहचानी कंपनी या संस्था जैसी लग सकती है, लेकिन उसका उद्देश्य व्यक्ति से निजी या वित्तीय जानकारी हासिल करना हो सकता है।
इसलिए किसी अनजान संदेश में दिए गए लिंक को खोलने, बैंक संबंधी जानकारी देने या भुगतान करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है।
राजस्थान में साइबर ठगी का बड़ा आंकड़ा
राजस्थान में साइबर अपराध के आर्थिक प्रभाव को लेकर सामने आए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 12 जुलाई 2026 के बीच प्रदेश में साइबर ठगी से करीब 387 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज हुआ। जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा और जोधपुर को साइबर अपराध के प्रमुख हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में राजस्थान में साइबर ठगी से हुआ आर्थिक नुकसान करीब 768 करोड़ रुपये था। इसी दौरान निवेश से जुड़ी धोखाधड़ी आर्थिक नुकसान का सबसे बड़ा हिस्सा रही। इससे स्पष्ट होता है कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को आर्थिक रूप से निशाना बना रहे हैं।
पुलिस ने साइबर जागरूकता अभियान भी चलाया
राजस्थान पुलिस ने सितंबर 2026 में Cyber Safe Rajasthan नाम से राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान शुरू किया। इसके तहत स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों, ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य माध्यमों से लोगों को डिजिटल ठगी के तरीकों के प्रति जागरूक करने की पहल की गई।
राज्य में साइबर ठगी की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए 1930 साइबर हेल्पलाइन भी महत्वपूर्ण माध्यम है। जुलाई 2026 में राजस्थान पुलिस ने एक लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतों पर ऑटोमेटेड ई-जीरो FIR व्यवस्था लागू करने की जानकारी दी थी।
इनाम का मैसेज आए तो क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति को अचानक “आपने 5 लाख रुपये जीते हैं” या इसी तरह का कोई संदेश मिलता है, तो उसे तुरंत जवाब देने या भुगतान करने से बचना चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने के बजाय संबंधित संस्था की जानकारी उसके आधिकारिक माध्यम से जांचनी चाहिए। OTP, बैंक विवरण, पासवर्ड और अन्य निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
यदि साइबर ठगी हो जाती है, तो देरी किए बिना 1930 पर शिकायत करना महत्वपूर्ण है। जल्दी शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसियां ठगी की रकम को रोकने या फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती हैं।
राजस्थान में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई और जागरूकता अभियान के बावजूद ऑनलाइन ठगी के तरीके बदल रहे हैं। ऐसे में किसी भी आकर्षक इनाम, लॉटरी या अचानक मिलने वाले वित्तीय लाभ के दावे पर विश्वास करने से पहले उसकी वास्तविकता जांचना ही सबसे जरूरी सावधानी है।



