रायपुर || में एक चौंकाने वाला वाहन चोरी गैंग का मामला सामने आया है, जिसमें बर्खास्त कांस्टेबल ने जेल में रहकर वाहन चोरों का नेटवर्क तैयार किया। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने इस गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 2016 में गांजा तस्करी के मामले में जेल गया बर्खास्त कांस्टेबल दिनेश कुमार टंडन भी शामिल है। पुलिस ने गैरेज से चोरी हुई इनोवा क्रिस्टा समेत कई वाहन बरामद किए हैं। आरोपितों ने चोरी के वाहनों के नंबर में छेड़छाड़ कर फर्जी दस्तावेज बनाकर उन्हें बेचने का काम किया।
रायपुर वाहन चोरी गैंग: गैरेज से इनोवा चोरी का मामला
रायपुर ग्रामीण पुलिस को विधानसभा थाना क्षेत्र के ग्राम दोदेखुर्द स्थित रुद्रांश मोटर गैरेज के बाहर खड़ी इनोवा क्रिस्टा चोरी होने की शिकायत मिली थी। पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज की मदद से साहिल राय (23) को संदिग्ध पाया।
पूछताछ में साहिल ने बताया कि वह एक्टिवा बनवाने के बहाने गैरेज पहुंचा था। वहां कोई मौजूद नहीं था, इसलिए उसने इनोवा की चाबी रख ली। इसके बाद 5 सितंबर की रात कार चोरी कर समोदा ले गया। टायर खराब होने पर कार को मेला स्थल के पास मंदिर के नजदीक खड़ा कर उसमें सो गया। सुबह कार लॉक कर वहां से चला गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने इनोवा क्रिस्टा और चाबी बरामद कर ली।
चार आरोपित गिरफ्तार
रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने गिरोह का राजफाश करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है:
साहिल राय (23) — निवासी अमसेना, थाना खरोरा, हाल धनसुली हाउसिंग बोर्ड, विधानसभा
संजीव दत्ता (27) — निवासी आसमा कालोनी, उसलापुर, बिलासपुर
अमरजीत सिंह उर्फ बंटी (48) — निवासी ग्राम चाक, थाना त्रपेडा, जिला अमृतसर, हाल आरडीए कालोनी हीरापुर, कबीर नगर
दिनेश कुमार टंडन (44) — निवासी भोरिंग, थाना तुमगांव, महासमुंद (बर्खास्त कांस्टेबल)
आरोपितों की निशानदेही पर गैरेज के बाहर से चोरी इनोवा क्रिस्टा बरामद की गई है।
रायपुर वाहन चोरी गैंग: जेल में बनी थी पहचान
पुलिस के अनुसार, दिनेश कुमार टंडन की जेल में अलग-अलग अपराधों में बंद आरोपितों से पहचान हुई थी। वर्ष 2016 में महासमुंद में गांजा तस्करी के मामले में जेल जाने के बाद बर्खास्त कांस्टेबल दिनेश कुमार टंडन ने जेल में ही वाहन चोरी के गिरोह की नींव रख दी।
जेल में अलग-अलग मामलों में बंद आरोपितों से उसकी पहचान हुई। बाहर आने के बाद इस नेटवर्क ने वाहन चोरी शुरू कर दी। चोरी के वाहनों के नंबर में छेड़छाड़ कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे और दूसरे लोगों के जरिए इन्हें बेचकर खपाया जाता था। इन वाहनों का इस्तेमाल तस्करी समेत अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में भी किया जाता था।
अमरजीत सिंह ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2005 में आमानाका थाना क्षेत्र के हत्या के मामले में वह जेल गया था और करीब 14 वर्ष सजा काटी। इसी दौरान जेल में उसकी संजीव दत्ता से पहचान हुई।
पूछताछ में सामने आई चोरी की कड़ी
साहिल से पूछताछ में संजीव दत्ता और अमरजीत सिंह उर्फ बंटी समेत अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। करीब एक वर्ष पहले आंबेडकर अस्पताल के चीरघर के पास से बुलेट चोरी कर संजीव के जरिए अमरजीत को 20 हजार रुपये में बेची गई थी।
इसके कुछ दिन बाद वहीं से केटीएम बाइक भी चोरी की गई। घड़ी चौक पार्किंग से बुलेट चोरी कर संजीव के साथ अमरजीत को बेचने और आमासिवनी मेन रोड से चोरी बुलेट को ओडिशा में परिचित पितबास के जरिए खपाने की बात भी सामने आई।
रायपुर वाहन चोरी गैंग: ट्रैक्टर चोरी में भी सामने आई भूमिका
गैंग में शामिल दिनेश टंडन की भूमिका ट्रैक्टर चोरी में भी सामने आई है। करीब तीन माह पहले ग्राम धनसुली के एक बाड़े से ट्रैक्टर चोरी कर संजीव दत्ता के साथ अमरजीत उर्फ बंटी को बेचा गया।
इसके एक से डेढ़ माह बाद धनसुली स्थित ईंट-भट्ठे से दूसरा ट्रैक्टर चोरी किया गया। उसे जोरा बाजार के पास खड़ा करने के बाद संजीव दत्ता के साथ भोरिंग, तुमगांव निवासी दिनेश कुमार टंडन को दिया गया।
गैंग का मॉडस ऑपरेंडी
पुलिस जांच में गैंग का मॉडस ऑपरेंडी सामने आया है:
वाहन चोरी:
गैरेज, पार्किंग और सार्वजनिक स्थानों से वाहन चोरी
चाबी की चोरी या चालाकी से प्राप्ति
फर्जी दस्तावेज:
चोरी के वाहनों के नंबर में छेड़छाड़
फर्जी दस्तावेज तैयार करना
वाहन बेचना:
दूसरे लोगों के जरिए चोरी के वाहन बेचना
ओडिशा और अन्य राज्यों में वाहन खपाना
अन्य गैरकानूनी गतिविधियां:
चोरी के वाहनों का इस्तेमाल तस्करी में
अन्य अपराधिक गतिविधियों में उपयोग
रायपुर वाहन चोरी गैंग: स्थानीय प्रभाव और आगे की कार्रवाई
इस गैंग की गिरफ्तारी से रायपुर और आसपास के इलाकों में वाहन चोरी की वारदातों में कमी आने की उम्मीद है। पुलिस ने आरोपितों से पूछताछ जारी रखी है और अन्य संभावित वारदातों की जांच की जा रही है।
रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने कहा कि गिरोह का राजफाश होने से अन्य वाहन चोरों में भी संदेश गया है। पुलिस आगे भी ऐसे गैंग्स के खिलाफ कार्रवाई करती रहेगी।
Read This :अंबिकापुर महिला सरपंच सर्पदंश: करैत के डसने से मौत, जानें 5 जरूरी बातें
रायपुर वाहन चोरी गैंग: नागरिकों के लिए सलाह
वाहन सुरक्षा:
वाहन हमेशा लॉक करें
चाबी को सुरक्षित स्थान पर रखें
गैरेज या पार्किंग में वाहन छोड़ते समय सावधानी बरतें
संदेह होने पर:
तुरंत पुलिस को सूचित करें
सीसीटीवी फुटेज की मदद लें
वाहन के दस्तावेज सुरक्षित रखें
जरूरी नंबर:
पुलिस हेल्पलाइन: 100
रायपुर ग्रामीण पुलिस: 0771-2571222
महिला हेल्पलाइन: 1091
FAQs
1. रायपुर वाहन चोरी गैंग में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बर्खास्त कांस्टेबल दिनेश कुमार टंडन भी शामिल है।
2. गैंग का लीडर कौन है?
बर्खास्त कांस्टेबल दिनेश कुमार टंडन, जो 2016 में गांजा तस्करी के मामले में जेल गया था, ने जेल में वाहन चोरी गैंग का नेटवर्क तैयार किया।
3. कौन-कौन से वाहन चोरी हुए?
इनोवा क्रिस्टा, बुलेट, केटीएम बाइक और ट्रैक्टर समेत कई वाहन चोरी हुए।
4. चोरी के वाहनों का क्या किया जाता था?
चोरी के वाहनों के नंबर में छेड़छाड़ कर फर्जी दस्तावेज बनाकर उन्हें दूसरे लोगों के जरिए बेचकर खपाया जाता था।
5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने गिरोह का राजफाश करते हुए 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया और इनोवा क्रिस्टा बरामद की।
निष्कर्ष
रायपुर वाहन चोरी गैंग का मामला सामने आया है, जिसमें बर्खास्त कांस्टेबल ने जेल में रहकर वाहन चोरों का नेटवर्क तैयार किया। 4 आरोपितों की गिरफ्तारी और इनोवा क्रिस्टा की बरामदगी से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गैंग चोरी के वाहनों के फर्जी दस्तावेज बनाकर उन्हें बेचता था और तस्करी जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में भी इनका उपयोग करता था। पुलिस ने नागरिकों से वाहन सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। आगे की जांच में और वारदातें सामने आ सकती हैं।
Mirzapur The Movie बॉक्स ऑफिस डे 8: ₹155 करोड़ पार, Awarapan 2 को पीछे छोड़ा
CGPSC अनियमितता मामले में अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया गिरफ्तार, ED को मिली 6 दिन की रिमांड



