भविष्य की चुनौतियों और आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना और भारतीय नौसेना के बीच एक अहम समझौता हुआ है। इस समझौते का उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाना, संयुक्त ऑपरेशन की क्षमता मजबूत करना और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसे भारत की रक्षा तैयारियों को नई मजबूती देने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।
समझौते के तहत दोनों सेनाएं प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स, संचार प्रणाली और आधुनिक हथियार प्रणालियों के उपयोग में आपसी सहयोग बढ़ाएंगी। संयुक्त अभ्यास और रणनीतिक योजना के जरिए भविष्य के युद्धों में तेजी और सटीकता से कार्रवाई करने की क्षमता विकसित की जाएगी।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में यह साझेदारी बेहद अहम है। इससे समुद्री और स्थलीय सुरक्षा के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और देश की समग्र रक्षा क्षमता को मजबूती मिलेगी।


