प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई के बीच चार यूरोपीय देशों की अहम यात्रा पर जा सकते हैं। इस दौरे का मुख्य फोकस ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक सहयोग और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक वैश्विक ऊर्जा संकट और बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच यह दौरा भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार इस यात्रा के दौरान स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, निवेश और रक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा खबर है कि यूरोप दौरे के बाद प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी जा सकते हैं, जहां ऊर्जा और व्यापार से जुड़े कई अहम समझौतों पर बातचीत संभव है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत की वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक और आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।


