भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने आज एक बार फिर स्पष्ट किया है कि राज्य को जल्द ही महानदी नदी के जल पर अपना “गenuine अधिकार” मिलने वाला है। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि ओडिशा और पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के बीच लंबे समय से चल रहे जल विवाद का हल जल्द हो जाएगा।
माझी ने विधानसभा में दी गई जानकारी में बताया कि पिछले डेढ़ साल से राज्य सरकार कानूनी और सौहार्दपूर्ण (amicable) तरीके से विवाद को सुलझाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि बातचीत और प्रक्रियात्मक हल से ओडिशा के अधिकारों को सुनिश्चित किया जाएगा।
वर्तमान में, जल-वितरण विवाद के समाधान के लिए विभिन्न स्तरों पर पहल चल रही है — जिसमें तकनीकी समीक्षा, कानूनी रास्ते और द्विपक्षीय बातचीत शामिल हैं। साथ ही, ओडिशा सरकार ने महानदी जल प्रबंधन और जल भंडारण के लिए नई परियोजनाओं (डैम और बैराज) की योजना बनाई है, ताकि नदी जल का उपयोग स्थायी व न्यायसंगत तरीके से हो सके।
स्निग्ध राजनीतिक-प्रशासनिक रुख के बीच, यह बयान दोनों राज्यों के लिए अहम मोड़ हो सकता है। यदि विवाद सफलतापूर्वक सुलझता है, तो इससे ओडिशा के कृषि, सिंचाई तथा जल आपूर्ति के कार्यों को बड़ा ज़र्रा मिलेगा — खासकर गर्मी व शुष्क मौसम में।


