शहरी विकास को गति देने के लिए NITI Aayog ने बड़ी सिफारिशें की हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर देश के बड़े शहरों के मेयरों को ज्यादा प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार दिए जाएं, तो 46 प्रमुख शहरों का तेजी से विकास हो सकता है। नीति आयोग का मानना है कि मजबूत स्थानीय नेतृत्व से शहरी सेवाओं, बुनियादी ढांचे और जवाबदेही में बड़ा सुधार आएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान व्यवस्था में कई शहरों में मेयर के पास सीमित शक्तियां होती हैं, जबकि असली निर्णय राज्य सरकारों या नौकरशाही के पास रहते हैं। आयोग ने सुझाव दिया है कि मेयर का कार्यकाल बढ़ाया जाए, उन्हें बजट और परियोजनाओं पर अधिक नियंत्रण दिया जाए और शहरी निकायों को वित्तीय स्वायत्तता प्रदान की जाए। इससे शहरों की जरूरतों के अनुसार तेज और प्रभावी फैसले लिए जा सकेंगे।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इन सिफारिशों को लागू करने से शहरी शासन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। साथ ही बेहतर ट्रांसपोर्ट, स्वच्छता, जल प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं के जरिए नागरिकों के जीवन स्तर में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।


