भारत में विदेशी निवेश को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। ताजा आकलनों के अनुसार आर्थिक सुधारों और मजबूत विकास दर के दम पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का आंकड़ा 90 अरब डॉलर के पार पहुंच सकता है। माना जा रहा है कि सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों और बेहतर कारोबारी माहौल ने विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और सर्विस सेक्टर में तेजी से बढ़ते अवसरों ने वैश्विक कंपनियों को आकर्षित किया है। ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहल और डिजिटल इकोनॉमी के विस्तार से निवेशकों को दीर्घकालिक संभावनाएं दिख रही हैं, जिससे निवेश प्रवाह मजबूत होने की उम्मीद है।
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अर्थशास्त्रियों का मानना है कि बढ़ता एफडीआई देश में रोजगार सृजन, तकनीकी विकास और निर्यात बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलने और विकास की रफ्तार तेज होने की संभावना है।


