निर्वाचन विभाग द्वारा नाम जोड़ने के लिए मतदाताओं से पहचान और निवास संबंधी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। इसमें किसी परिजन के वर्ष 2003 की पुरानी मतदाता सूची, 8वीं या 10वीं कक्षा की मार्कशीट और आधार कार्ड की छायाप्रति शामिल है। कई मतदाता सुबह से ही अपने दस्तावेज लेकर बूथों पर पहुंच रहे हैं, ताकि समय रहते उनका नाम सूची में जुड़ सके।
मतदान अधिकार छिन जाने का डर
ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में भी बड़ी संख्या में लोग दावा-आपत्ति दर्ज कराने पहुंच रहे हैं। कुछ मतदाताओं का कहना है कि बिना किसी सूचना के उनके नाम सूची से कट गए, जिससे उन्हें मतदान अधिकार छिन जाने का डर सता रहा है। वहीं निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और पात्र मतदाताओं का नाम जरूर जोड़ा जाएगा।


