प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक Imtiaz Ali ने अपनी एक फिल्म की असफलता को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने स्वीकार किया कि उस प्रोजेक्ट में उनकी रचनात्मक क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो सका। इम्तियाज अली ने कहा कि कई बार फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं, जहां निर्देशक अपनी सोच और दृष्टि को पूरी तरह पर्दे पर नहीं उतार पाता। इसी वजह से उन्होंने अपनी ही फिल्म को केवल 3 रेटिंग दी।
निर्देशक ने कहा कि किसी फिल्म की सफलता या असफलता केवल बॉक्स ऑफिस आंकड़ों से तय नहीं होती, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण होता है कि निर्माता और निर्देशक अपनी कल्पना को कितनी प्रभावी ढंग से दर्शकों तक पहुंचा पाए। उन्होंने माना कि संबंधित फिल्म में कुछ ऐसे पहलू रह गए, जिन्हें बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता था। इस आत्ममंथन को उन्होंने अपने करियर की सीख बताया।
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इम्तियाज अली के इस बयान की फिल्म जगत में काफी चर्चा हो रही है। प्रशंसकों का मानना है कि अपनी कमियों को स्वीकार करना और उनसे सीखना किसी भी रचनात्मक व्यक्ति की सबसे बड़ी ताकत होती है। निर्देशक ने संकेत दिया कि भविष्य में वे और अधिक मजबूती के साथ नए प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे और दर्शकों को बेहतर सिनेमाई अनुभव देने का प्रयास करेंगे।


