मध्य प्रदेश स्कूल तैराकी में इंदौर का शानदार दबदबा, ग्वालियर की महिका पाल ने जीता गोल्ड और बनाया नेशनल का रास्ता
ग्वालियर: मध्य प्रदेश की 70वीं राज्य स्तरीय शालेय तैराकी, वाटरपोलो एवं डाइविंग प्रतियोगिता का समापन कई यादगार प्रदर्शनों के साथ हुआ। पांच दिन तक चली इस प्रतियोगिता में इंदौर संभाग ने ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि भोपाल संभाग उपविजेता रहा। मेजबान ग्वालियर के खिलाड़ियों ने भी पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की और अनुशासित टीम की ट्रॉफी अपने नाम की।
प्रतियोगिता की सबसे खास उपलब्धियों में ग्वालियर की महिका पाल का प्रदर्शन रहा। बालिका अंडर-19 की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले स्पर्धा में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। इसी स्पर्धा में सानवी रंजन ने रजत पदक हासिल किया, जबकि इंदौर की अरण्या जैन तीसरे स्थान पर रहीं।
महिका पाल की सफलता से राष्ट्रीय प्रतियोगिता की उम्मीदें बढ़ीं
200 मीटर व्यक्तिगत मेडले में तैराक को अलग-अलग तैराकी तकनीकों के बीच तालमेल बनाना पड़ता है। इस स्पर्धा में केवल गति ही नहीं, बल्कि तकनीक, सहनशक्ति और सही समय पर ऊर्जा का इस्तेमाल भी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में महिका का स्वर्ण पदक जीतना उनके प्रदर्शन की मजबूती को दर्शाता है।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करना उनके खेल सफर का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब चुनौती राज्य स्तर के प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर दोहराने की होगी। इसके लिए नियमित अभ्यास, तकनीकी सुधार और प्रतिस्पर्धी परिस्थितियों में अनुभव अहम भूमिका निभाएंगे।
अंतिम दिन ग्वालियर के खिलाड़ियों ने भी जीते पदक
प्रतियोगिता के अंतिम दिन ग्वालियर संभाग के खिलाड़ियों ने अलग-अलग आयु वर्गों में पदक हासिल किए। प्रमुख परिणाम इस प्रकार रहे:
- बालक अंडर-19, 200 मीटर बैकस्ट्रोक: नंदेश शर्मा ने रजत और हंसिद्ध कोठारी ने कांस्य पदक जीता। सागर के आदित्य द्विवेदी पहले स्थान पर रहे।
- बालक अंडर-14, 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले: आरव शर्मा ने रजत पदक हासिल किया।
- बालिका अंडर-14, 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले: वैदेही शर्मा ने कांस्य पदक जीता।
- बालक अंडर-17, 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले: आदित्य सिंह जादौन ने कांस्य पदक हासिल किया।
- बालक अंडर-19, 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले: नंदिश शर्मा दूसरे स्थान पर रहे।
इन परिणामों से स्पष्ट हुआ कि ग्वालियर की उपलब्धियां केवल एक स्पर्धा तक सीमित नहीं रहीं। विभिन्न आयु वर्गों में खिलाड़ियों की भागीदारी और पदक जीतना स्थानीय स्तर पर तैराकी प्रतिभाओं की मौजूदगी को सामने लाता है।
इंदौर चैंपियन, भोपाल उपविजेता; ग्वालियर को अनुशासन का सम्मान
पांच दिवसीय प्रतियोगिता में इंदौर संभाग ने कुल प्रदर्शन के आधार पर ओवरऑल चैंपियनशिप हासिल की। भोपाल संभाग दूसरे स्थान पर रहा। ग्वालियर को सर्वश्रेष्ठ अनुशासित टीम की ट्रॉफी मिली, जो खिलाड़ियों के व्यवहार और टीम अनुशासन के महत्व को रेखांकित करती है।
ऐसी प्रतियोगिताएं केवल पदक तालिका तय करने का माध्यम नहीं होतीं। इनके जरिए खिलाड़ियों को अलग-अलग संभागों के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के सामने अपनी क्षमता परखने और प्रतिस्पर्धा का अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता है। तैराकी के साथ वाटरपोलो और डाइविंग का आयोजन भी स्कूल स्तर पर जलीय खेलों को प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम है।
स्कूल खेलों से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता
स्कूल स्तर की राज्य प्रतियोगिताएं प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लेकिन किसी खिलाड़ी की प्रगति को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए केवल प्रतियोगिताओं में भाग लेना पर्याप्त नहीं है। बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं, नियमित अभ्यास, योग्य कोच, खेल विज्ञान का सहयोग और पढ़ाई के साथ संतुलन भी जरूरी हैं।
महिका पाल का राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन दूसरे युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन सकता है। वहीं, ग्वालियर के अन्य पदक विजेताओं को भी अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने पर ध्यान देना होगा। संभागीय स्तर पर मिली सफलता को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को अपनी तकनीक तथा कमजोरियों पर लगातार काम करना होगा।
पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न हुआ आयोजन
प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश शिक्षा समिति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. नीतेश शर्मा ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष डॉ. करुणा सक्सेना ने की।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी स्वीटी मंगल, जिला खेल अधिकारी आरके सिंह, भोपाल से आए ऑब्जर्वर उमाशंकर व्यास, जिला तैराकी संघ के चीफ कोच सचिन पाल और अर्पणा सिंह सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
इंदौर की चैंपियनशिप, भोपाल का उपविजेता स्थान और ग्वालियर की अनुशासित टीम की ट्रॉफी ने प्रतियोगिता के परिणामों को खास बनाया। वहीं, महिका पाल का राष्ट्रीय स्तर के लिए क्वालीफाई करना आयोजन की प्रमुख व्यक्तिगत उपलब्धियों में शामिल रहा। अब खिलाड़ियों की निगाहें अगले स्तर की प्रतिस्पर्धा और अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने पर रहेंगी।



