वॉशिंगटन/मिनियापोलिस: अमेरिका में एक बार फिर स्कूल शूटिंग जैसी घटना ने पूरे देश को दहला दिया है। मिनियापोलिस के एक चर्च में बुधवार को बच्चों की प्रार्थना सभा के दौरान हुई इस गोलीबारी में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 14 बच्चे शामिल हैं।
हमलावर की पहचान 23 वर्षीय रॉबिन वेस्टमैन के रूप में हुई है, जिसने घटना को अंजाम देने के बाद खुद को भी गोली मार ली। जांच में सामने आया है कि हमलावर यहूदियों और भारत के खिलाफ नफरत से भरा हुआ था और उसने अपने हथियारों पर “भारत पर परमाणु बम गिराओ” जैसे खतरनाक संदेश लिख रखे थे।
FBI ने कहा – घरेलू आतंकवाद और हेट क्राइम
अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी FBI ने इस घटना को डोमेस्टिक टेररिज्म (Domestic Terrorism) और हेट क्राइम करार दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, हमलावर ने बच्चों और कैथोलिक समुदाय को टारगेट किया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब प्री-किंडरगार्टन से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चे चर्च में प्रार्थना कर रहे थे, तभी वेस्टमैन हथियार लेकर अंदर घुसा और राइफल, शॉटगन और पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस चीफ ब्रायन ओहारा ने बताया कि 8 और 10 साल के दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी घायल बच्चों और तीन बुजुर्गों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कौन था हमलावर रॉबिन वेस्टमैन?
- रॉबिन वेस्टमैन का जन्म पुरुष के रूप में हुआ था और उसका असली नाम रॉबर्ट वेस्टमैन था।
- साल 2023 में उसने लिंग परिवर्तन (Gender Transition) किया और अपना नाम रॉबिन रख लिया।
- वेस्टमैन ने सभी हथियार कानूनी रूप से खरीदे थे।
- उसके खिलाफ पहले कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था।
हालांकि, पुलिस को उसके यूट्यूब चैनल और नोटबुक से मिले घोषणापत्र (Manifesto) से उसकी सोच और नफरत का अंदाज़ा हुआ है।
यहूदियों और भारत के खिलाफ नफरत
जांच में पता चला कि वेस्टमैन यहूदियों और भारत के प्रति गहरी नफरत रखता था।
- उसके नोट्स में लिखा मिला: “अगर मैं हमला करता हूं, तो वह गंदे जायोनिस्ट यहूदियों पर होगा।”
- उसने “फ्री फिलिस्तीन” और “इजरायल का पतन होना चाहिए” जैसे स्लोगन भी लिखे थे।
- एक हथियार पर साफ शब्दों में लिखा था: “भारत पर परमाणु बम गिराओ।”
बच्चों के खिलाफ खतरनाक सोच
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वेस्टमैन को बच्चों के खिलाफ हिंसा से भी संतुष्टि मिलती थी। उसकी डायरी में लिखा था:
“मुझे बच्चों को गोली लगते देखना अच्छा लगता है। मुझे उनके टुकड़े-टुकड़े होते देखना अच्छा लगता है।”
यहूदियों से गहरी नफरत
एफबीआई के मुताबिक, वेस्टमैन ने अपने मैनिफेस्टो और वीडियो में बार-बार जायोनिस्ट यहूदियों के खिलाफ नफरत जताई। उसने एक नोटबुक में लिखा था –
“अगर मैं नस्लीय हमला करता हूं तो सबसे पहले निशाना गंदे जायोनिस्ट यहूदी होंगे।”
भारत क्यों निशाने पर?
जांच एजेंसियों के अनुसार, हथियारों पर लिखे संदेश और ऑनलाइन पोस्ट दिखाते हैं कि वेस्टमैन भारत और इजरायल के खिलाफ उग्र विचारधारा रखता था। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि भारत पर उसके गुस्से की असली वजह क्या थी।
निष्कर्ष
यह घटना अमेरिका में बढ़ती गन वायलेंस (Gun Violence) और हेट क्राइम्स की खतरनाक हकीकत को दिखाती है। रॉबिन वेस्टमैन न सिर्फ एक स्कूली बच्चों का हत्यारा था, बल्कि उसकी सोच भारत और इजरायल जैसे देशों के खिलाफ गहरी नफरत से भरी हुई थी।
अब सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसे हथियारबंद हमलावरों को समय रहते क्यों नहीं रोका जा सका? और अमेरिका में गन लॉज (Gun Laws) को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
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