चीन ने अपनी विदेशी मुद्रा भंडार नीति में बड़ा बदलाव करते हुए अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में निवेश घटा दिया है, जिससे इसकी होल्डिंग्स लगभग 17 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। नवंबर 2025 में चीन की अमेरिकी ट्रेजरी होल्डिंग्स करीब $682.6 अरब रह गईं, जो अक्टूबर से कम हैं और यह 2008 के बाद सबसे कम है। इस कदम को विशेषज्ञ विदेशी मुद्रा भंडार को अधिक सुरक्षित और विविध बनाने की दिशा में चीन की रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं, खासकर अमेरिका के साथ व्यापारिक और राजनीतिक तनाव के बीच।
चीन केवल अमेरिकी कर्ज से पीछे हट नहीं रहा है, बल्कि सोने में निवेश बढ़ा रहा है, जिससे उसके भंडार अधिक स्थिर और जोखिम-रोधी बन सकें। पीपुल्स बैंक ऑफ चीन ने दिसंबर 2025 तक लगातार कई महीनों तक सोने के भंडार में वृद्धि की है, जो इस बदलाव का स्पष्ट संकेत है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह नीति न केवल डॉलर-आधारित परिसंपत्तियों पर निर्भरता कम करने की कोशिश है, बल्कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और भू-राजनीतिक जोखिमों का सामना करने के लिए एक सुरक्षित रणनीति भी है। इस बदलाव से न केवल वैश्विक वित्तीय संरचना में संभावित बदलाव का संकेत मिलता है, बल्कि दूसरे देशों को भी अपने विदेशी मुद्रा भंडार बजट पुनः विचारने के संकेत मिल सकते हैं।


