LPG Cylinder Rules: इन दिनों LPG गैस सिलेंडर की किल्लत कई इलाकों में देखने को मिल रही है. 25 दिन के अंतराल पर सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी की व्यवस्था के बाद लोगों में गैस खत्म होने का डर बढ़ा है. इन्हीं कारणों के चलते कुछ लोग जरूरत से अधिक सिलेंडर घर में जमा करने लगे हैं, जिससे कालाबाजारी और जमाखोरी की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं. ऐसी आशंकाओं के मद्देनजर LPG सिलेंडर की जमाखोरी को लेकर देश के कई राज्यों में प्रशासन की ओर से कार्रवाई भी की गई है. अगस्त 2026 में ओडिशा में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान करीब 8,208 LPG सिलेंडर जब्त किए गए थे. इस मामले में 46 लोगों पर FIR दर्ज की गईं और Essential Commodities Act के तहत 492 मामले बनाए गए.
हम में से शायद कम ही लोग इस बारे में जानते हों कि घर में सीमित संख्या से अधिक LPG सिलेंडर रखना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है. आमतौर पर घरेलू उपभोक्ता को एक समय पर दो LPG सिलेंडर रखने की अनुमति होती है, जिसमें एक उपयोग में और दूसरा बैकअप के रूप में रखा जाता है. अगर किसी घर में इससे अधिक भरे हुए सिलेंडर पाए जाते हैं, तो उस व्यक्ति पर जमाखोरी का आरोप लग सकता है और कार्रवाई भी हो सकती है. यहां जानते हैं घर में घरेलू LPG सिलेंडर रखने से जुड़े नियम क्या हैं और किन परिस्थितियों में परेशानी खड़ी हो सकती है.
घर में LPG सिलेंडर रखने के क्या हैं नियम
Essential Commodities Act, 1955 के तहत डोमेस्टिक कंज्यूमर को आमतौर पर 14.2 किलोग्राम के अधिकतम दो LPG सिलेंडर रखने की अनुमति होती है. इनमें एक सिलेंडर उपयोग में रहता है, जबकि दूसरा बैकअप या स्पेयर के तौर पर रखा जा सकता है. यदि कोई व्यक्ति सामान्य घरेलू जरूरत से अधिक संख्या में LPG सिलेंडर अपने घर में जमा करता है, तो इसे जमाखोरी माना जा सकता है. ऐसी स्थिति में अधिकारियों द्वारा जांच की जा सकती है और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी संभव है.
ऐसी स्थिति में क्या हो सकता है?
अगर आपके घर में 2 से अधिक LPG सिलेंडर पाए जाते हैं, तो इस स्थिति में अधिकारियों की ओर से इसकी जांच की जा सकती है. वहीं, अगर आपकी ओर से नियमों का उल्लंघन करते पाया गया, तो इस स्थिति में अतिरिक्त सिलेंडर जब्त किए जा सकते हैं और आपके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है. LPG को आवश्यक वस्तु की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इसकी कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध भंडारण पाए जाने पर Essential Commodities Act, 1955 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.



