मौसम वैज्ञानिकों ने सतर्कता जाहिर की है क्योंकि बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में एक लो-प्रेशर (निम्न दबाव) क्षेत्र बन गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह प्रणाली अगले कुछ समय में और मजबूत हो सकती है, जिससे तटीय और आंतरिक इलाकों में भारी बारिश तथा तेज हवाओं का खतरा बढ़ गया है।
ओडिशा के कई जिलों के लिए IMD ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, क्योंकि यह लो-प्रेशर क्षेत्र तट की ओर बढ़ते हुए बादल और आर्द्रता लेकर आएगा। इसके अलावा, पूर्वोत्तर राज्यों जैसे मणिपुर और मिजोरम में भी हलचल बढ़ सकती है।
वहीं, लो-प्रेशर सिस्टम के कारण कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट भी देखने को मिली है। छत्तीसगढ़, झारखंड और अन्य मध्य-पूर्वी राज्यों में रात के समय ठंड बढ़ने और न्यूनतम तापमान में कमी का अनुमान है।
मौसम विभाग ने आम जनता से सतर्क रहने और बारिश, तुफानी हवाओं के बीच शहरी और ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। साथ ही, मछुआरों को समुद्र में नौकायन से बचने के लिए चेतावनी जारी की गई है।
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इस मौसम प्रणाली के असर के मद्देनज़र, राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन राहत-और-बचाव प्रबंधन के लिए तैयारियों को और तेज कर रहे हैं, ताकि जन-जीवन और संपत्ति को न्यूनतम नुकसान पहुंच सके।


