छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब ‘घोटाले’ में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ा दावा किया है। EOW के अनुसार, इस कथित घोटाले में चैतन्य बघेल को अपने हिस्से के तौर पर 200 से 250 करोड़ रुपये मिले हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि यह राशि अवैध शराब कारोबार और उससे जुड़े नेटवर्क के जरिए अर्जित की गई।
EOW ने बताया कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और बयानो के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है कि घोटाले से हुई अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा चैतन्य बघेल तक पहुंचा। एजेंसी के मुताबिक, रकम के लेन-देन के लिए कई माध्यमों और लोगों का इस्तेमाल किया गया, ताकि पैसों की वास्तविक स्रोत को छुपाया जा सके।
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इस मामले में EOW की जांच लगातार जारी है और एजेंसी का कहना है कि आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस आरोप को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मामले के कानूनी पहलुओं पर आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद तय की जाएगी।


