Jethalal Special: घर पर बनाएं लाजवाब जलेबी-फाफड़ा, इस आसान रेसिपी से मिलेगा गुजराती स्वाद
टीवी पर जब जेठालाल गरमा-गरम जलेबी और कुरकुरे फाफड़े का आनंद लेते दिखाई देते हैं, तो इस गुजराती नाश्ते को खाने का मन किसका नहीं करेगा! मीठी चाशनी में डूबी जलेबी और नमकीन, कुरकुरा फाफड़ा—दो बिल्कुल अलग स्वादों का यह मेल गुजरात की खानपान संस्कृति की खास पहचान है। अच्छी बात यह है कि इस स्वाद का आनंद लेने के लिए हर बार बाजार जाने की जरूरत नहीं। थोड़ी तैयारी और सही तकनीक से इसे घर पर भी बनाया जा सकता है।
इस नाश्ते की खासियत केवल मिठास और नमकीनपन का मेल नहीं, बल्कि दोनों चीजों की बनावट भी है। जलेबी बाहर से हल्की कुरकुरी और अंदर से रसदार होनी चाहिए, जबकि फाफड़ा ऐसा बने कि उसमें बेसन का स्वाद और कुरकुरापन बना रहे। आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान तरीका।
कुरकुरे फाफड़े के लिए जरूरी सामग्री
- बेसन – 1 कप
- अजवाइन – आधा छोटा चम्मच
- हल्दी – एक चौथाई छोटा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- तेल – जरूरत के अनुसार
- बेकिंग सोडा – एक छोटी चुटकी
- पानी – जरूरत के अनुसार
फाफड़ा बनाने का सही तरीका
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में बेसन छान लें। इसमें नमक, अजवाइन, हल्दी और बेकिंग सोडा मिलाएं। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त लेकिन लचीला आटा गूंथें। पानी एक साथ डालने से आटा जरूरत से ज्यादा नरम हो सकता है, इसलिए इसे धीरे-धीरे मिलाना बेहतर है।
आटे को कुछ देर ढककर रखें। इसके बाद छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और चिकनी सतह पर हाथ या बेलन की मदद से लंबी, पतली पट्टियों में फैलाएं। फाफड़े की मोटाई लगभग एक जैसी रखने की कोशिश करें, ताकि वे समान रूप से पकें।
कड़ाही में तेल गर्म करें और फाफड़ों को सावधानी से डालें। मध्यम से मध्यम-तेज आंच पर उन्हें सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। बाहर निकालकर अतिरिक्त तेल निकलने दें।
कुरकुरे फाफड़े का टिप: तेल बहुत ठंडा होगा तो फाफड़े ज्यादा तेल सोख सकते हैं, जबकि बहुत ज्यादा गर्म तेल में वे बाहर से जल्दी रंग पकड़ सकते हैं और अंदर से ठीक से नहीं पकेंगे। तलते समय तापमान संतुलित रखना जरूरी है।
मीठी और रसदार जलेबी बनाने के लिए सामग्री
- मैदा – 1 कप
- दही – लगभग 2 बड़े चम्मच
- बेकिंग सोडा – एक छोटी चुटकी, जरूरत के अनुसार
- पानी – घोल बनाने के लिए
- चीनी – 1 कप
- पानी – चाशनी के लिए लगभग आधा कप
- इलायची – वैकल्पिक
- तलने के लिए तेल या घी
जलेबी बनाने की आसान विधि
एक बर्तन में मैदा और दही मिलाएं। थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा, चिकना घोल तैयार करें। घोल इतना पतला न हो कि गर्म तेल में डालते ही फैल जाए और इतना गाढ़ा भी न हो कि उससे गोल आकार बनाना मुश्किल हो। इसे कुछ देर ढककर रखें। जल्दी बनने वाली घरेलू विधि में थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन पारंपरिक स्वाद और बनावट के लिए सही तरीके से तैयार किया गया फर्मेंटेड घोल भी अच्छा विकल्प है।
अब एक पैन में चीनी और पानी डालकर गर्म करें। चीनी घुलने के बाद चाशनी को हल्का गाढ़ा होने दें। खुशबू के लिए इसमें इलायची डाल सकते हैं। चाशनी बहुत ज्यादा गाढ़ी न करें, वरना जलेबी पर इसकी परत जरूरत से ज्यादा जम सकती है।
तैयार घोल को सॉस की साफ बोतल या उपयुक्त स्क्वीज बोतल में भरें। गर्म तेल या घी में धीरे-धीरे गोल घुमाते हुए जलेबी का आकार बनाएं। दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तलें। इसके बाद जलेबियों को गर्म चाशनी में थोड़ी देर डुबोकर निकाल लें।
जलेबी बनाने का खास टिप: तेल में जलेबी डालने से पहले एक छोटी जलेबी बनाकर देखें। अगर घोल आकार बनाए रखता है, तो बाकी जलेबियां बनाना आसान होगा। चाशनी में डुबोने के बाद जलेबियों को बहुत देर तक न छोड़ें, वरना उनका कुरकुरापन कम हो सकता है।
गुजराती अंदाज में कैसे परोसें?
एक प्लेट में गरमा-गरम फाफड़े और चाशनी वाली जलेबियां साथ रखें। पारंपरिक अंदाज के लिए इसके साथ तली हुई हरी मिर्च और कच्चे पपीते की चटनी परोसी जा सकती है। जलेबी की मिठास, फाफड़े का नमकीन स्वाद और चटनी का हल्का तीखापन मिलकर इस नाश्ते को खास बनाते हैं।
इसे सुबह के नाश्ते या किसी खास मौके पर परोसा जा सकता है। अगर मेहमान आने वाले हों, तो फाफड़े का आटा और जलेबी का घोल पहले से तैयार करने की योजना बनाएं, लेकिन तलने और चाशनी में डालने का काम परोसने के करीब करें। इससे दोनों चीजों की बनावट बेहतर बनी रहेगी।
स्वाद के साथ संतुलन भी रखें
जलेबी और फाफड़ा स्वादिष्ट जरूर हैं, लेकिन दोनों तले हुए खाद्य पदार्थ हैं और जलेबी में चीनी की मात्रा भी अधिक होती है। इसलिए इन्हें संतुलित मात्रा में खाना बेहतर है। रोजमर्रा के नाश्ते के बजाय कभी-कभार इस गुजराती व्यंजन का आनंद लें और साथ में अपनी पसंद के हल्के विकल्प भी रखें।
घर पर जलेबी-फाफड़ा बनाने का असली मजा इसकी ताजगी और अपनी पसंद के अनुसार स्वाद तैयार करने में है। सही तापमान, उचित घोल और चाशनी का संतुलन रखेंगे, तो बाजार जैसा जायका पाने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। अगली बार जब कुछ खास खाने का मन हो, तो इस पारंपरिक गुजराती जोड़ी को अपनी रसोई में जरूर आजमाएं।




