महिला आरक्षण को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि असली मुद्दा महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है और इस पर भरोसा करना मुश्किल है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन और जनगणना से जोड़ना सरकार की रणनीति का हिस्सा है। उनके अनुसार, अगर सरकार सच में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना चाहती है तो इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए, न कि भविष्य की प्रक्रियाओं से जोड़कर टालना चाहिए।
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और महिला आरक्षण एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।


