अरुणाचल प्रदेश में कथित ठेका घोटाले को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। Indian National Congress ने राज्य के मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद संबंधित फाइलों और जांच प्रक्रिया पर नियंत्रण बनाए रखा जा रहा है। कांग्रेस ने दावा किया कि मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के बजाय प्रशासनिक हस्तक्षेप किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ठेका आवंटन से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच आवश्यक है और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि यदि जांच से जुड़ी फाइलों पर राजनीतिक स्तर पर प्रभाव बना रहेगा तो सच्चाई सामने आने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। विपक्ष ने मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग भी दोहराई है।
वहीं, इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने सरकार से आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है, जबकि सत्तापक्ष की ओर से आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताया जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच प्रक्रिया और न्यायिक निर्देशों के पालन को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।


