इज़राइल अपनी हाई-टेक रक्षा क्षमताओं को एक नई ऊँचाई देने जा रहा है। देश की सेना को 30 दिसंबर को अत्याधुनिक लेज़रयुक्त वायु रक्षा प्रणाली ‘आयरन बीम’ (Iron Beam) से लैस किया जाएगा। यह दुनिया की पहली ऑपरेशनल हाई-एनर्जी लेज़र डिफेंस सिस्टम मानी जा रही है, जो मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन जैसे खतरों को बेहद कम लागत पर कुछ ही सेकंड में ध्वस्त करने में सक्षम है।
इज़राइली रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ‘आयरन बीम’ आयरन डोम का पूरक (complementary) सिस्टम होगा, जो छोटे और मध्यम दूरी के हवाई खतरों पर सटीक और त्वरित प्रतिक्रिया देगा। लेज़र आधारित तकनीक होने के कारण यह न केवल मौसम-अनुकूल परिस्थितियों में प्रभावी है, बल्कि पारंपरिक इंटरसेप्टर मिसाइलों की तुलना में इसकी लागत भी कई गुना कम है।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आयरन बीम की तैनाती इज़राइल की सुरक्षा रणनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह सिस्टम 100 किलोवॉट से अधिक ऊर्जा क्षमता वाले लेज़र बीम का उपयोग करता है, जो हवा में उड़ते किसी भी लक्ष्य को कुछ ही सेकंड में नष्ट कर सकता है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रॉकेट और ड्रोन हमलों को रोकने की क्षमता में बड़ा सुधार होगा।
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इज़राइल ने पिछले कई वर्षों से इस प्रोजेक्ट पर काम किया है और हाल ही में इसके सफल परीक्षणों के बाद इसे सैन्य तैनाती के लिए मंजूरी दी गई। रक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह प्रणाली निकट भविष्य में युद्ध के स्वरूप को बदलने वाली तकनीक साबित हो सकती है।
आयरन बीम की तैनाती के साथ इज़राइल दुनिया का पहला देश बन जाएगा जिसने लेज़र आधारित वायु रक्षा प्रणाली को वास्तविक सैन्य ऑपरेशन के लिए तैयार किया है।


