ईरान ने हालिया प्रदर्शनों को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि देश में हुई हिंसा के पीछे “बाहरी ताकतों” का हाथ है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को जानबूझकर हिंसक रूप दिया गया और इसमें विदेश से आए तत्वों ने उकसाया। सरकार ने आरोप लगाया कि कुछ देश आंतरिक मामलों में दखल देकर अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर उस पर कोई संघर्ष या युद्ध थोपा गया, तो देश पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने दोहराया कि ईरान अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। साथ ही यह भी कहा गया कि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान का यह रुख क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है। हालांकि ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह टकराव नहीं चाहता, लेकिन किसी भी दबाव या हस्तक्षेप का कड़ा प्रतिकार किया जाएगा।


