नए साल की शुरुआत के साथ निवेश की सही योजना बनाना भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में अहम कदम माना जाता है। म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय अपनी जोखिम लेने की क्षमता को समझना बेहद जरूरी है। कम जोखिम लेने वाले निवेशक डेट या हाइब्रिड फंड का रुख कर सकते हैं, जबकि लंबी अवधि और ज्यादा जोखिम सहने की क्षमता रखने वालों के लिए इक्विटी फंड बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।
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निवेश विशेषज्ञों का कहना है कि केवल फंड चुनना ही नहीं, बल्कि निवेश से जुड़ी आदतों में बदलाव भी जरूरी है। नियमित SIP, लंबी अवधि तक धैर्य बनाए रखना और बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराने से बचना बेहतर रिटर्न दिला सकता है। Investment के लिहाज से नया साल अनुशासन, सही लक्ष्य और सोच-समझकर लिए गए फैसलों के साथ आगे बढ़ने का अवसर देता है।


