समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और भविष्य की रणनीति तय करने के लिए Indian Navy की कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 14 से 16 अप्रैल के बीच आयोजित की जाएगी। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में नौसेना के शीर्ष अधिकारी वर्तमान समुद्री चुनौतियों, ऑपरेशनल तैयारियों और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यह बैठक हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक गतिविधियों के बीच बेहद अहम मानी जा रही है।
कॉन्फ्रेंस के दौरान समुद्री निगरानी, युद्धक तैयारियों, तकनीकी आधुनिकीकरण और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा। इसके अलावा स्वदेशी रक्षा उत्पादन और नई तकनीकों को नौसेना में शामिल करने की दिशा में भी अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह बैठक भारत की समुद्री रणनीति को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भारत अपनी नौसैनिक क्षमता को और सशक्त करने पर जोर दे रहा है, ताकि समुद्री हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


