Indian Army की पूर्वी कमान के प्रमुख ने हाल ही में ‘रेड शील्ड डिवीजन’ की ऑपरेशनल तैयारियों और सैन्य क्षमताओं की समीक्षा की। इस दौरान आधुनिक युद्ध तकनीकों, सीमा सुरक्षा और सैनिकों की युद्धक तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया। सेना अधिकारियों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
समीक्षा के दौरान ड्रोन तकनीक और निगरानी क्षमताओं पर विशेष जोर दिया गया। सेना ने बताया कि हाल के समय में ड्रोन आधारित सर्विलांस और ऑपरेशन सिस्टम को काफी मजबूत किया गया है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और त्वरित कार्रवाई की क्षमता बढ़ी है। आधुनिक उपकरणों और तकनीकी संसाधनों के जरिए सेना अब किसी भी चुनौती का तेजी से जवाब देने के लिए तैयार है।
पूर्वी कमान प्रमुख ने जवानों की तत्परता और पेशेवर क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में तकनीक आधारित सैन्य तैयारी बेहद जरूरी हो गई है। सेना लगातार नई रणनीतियों और आधुनिक संसाधनों के जरिए अपनी ताकत बढ़ाने पर काम कर रही है, ताकि देश की सीमाओं की सुरक्षा और अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सके।


