भारतीय नौसेना तेजी से बदलते समुद्री हालात और चीन की बढ़ती आक्रामकता को देखते हुए अपनी मारक क्षमता को और मजबूत करने की तैयारी में है। इसी क्रम में नौसेना ने केंद्र सरकार से नई पीढ़ी के “स्मार्ट वॉरशिप” (Smart Warships) बनाने की औपचारिक मंजूरी मांगी है। ये जहाज़ अत्याधुनिक तकनीक, एआई-आधारित सिस्टम, हाई-टेक रडार और स्टील्थ क्षमता से लैस होंगे, जो भविष्य की समुद्री चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित युद्धपोतों में 5वीं पीढ़ी की तकनीक शामिल होगी। इनकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हो सकती हैं—AI और मशीन लर्निंग आधारित ऑपरेशन सिस्टमस्टील्थ तकनीक, जिससे दुश्मन के रडार पर न आएंहाइपरसोनिक और लंबी दूरी की मिसाइलों को संभालने की क्षमताएडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टमलंबी दूरी तक रीयल-टाइम ट्रैकिंग और निगरानीऑटोमेशन सुविधा, जिससे जहाज कम क्रू के साथ भी संचालित हो सकेगाये जहाज़ भारतीय नौसेना को हिंद महासागर क्षेत्र में और अधिक प्रभावशाली बनाएंगे।
पिछले कुछ वर्षों में चीन ने अपने नौसैनिक बेड़े में तेज़ी से विस्तार किया है और वह दक्षिण चीन सागर सहित हिंद महासागर में भी सक्रिय मौजूदगी दिखा रहा है। भारत इन गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए है।ऐसे में “स्मार्ट जंगी जहाज़” भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बढ़त सुनिश्चित कर सकते हैं।
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रक्षा मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव पर जल्द निर्णय लिया जा सकता है। मंजूरी मिलने पर अगले कुछ वर्षों में इन नई पीढ़ी के जहाज़ों का निर्माण स्वदेशी शिपयार्ड में शुरू होगा।यह कदम आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया मिशन को भी मजबूती देगा।


