भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि सिंधु जल संधि (IWT) से जुड़ी वर्तमान स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा और यह स्थगित ही रहेगी। साथ ही भारत ने गिलगित-बाल्टिस्तान में कराए जा रहे तथाकथित चुनावों पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत का कहना है कि यह क्षेत्र उसका अभिन्न हिस्सा है और वहां किसी भी प्रकार की चुनावी प्रक्रिया की कोई वैधता नहीं है।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान द्वारा कब्जे वाले क्षेत्रों में किए जा रहे प्रशासनिक और राजनीतिक कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और भारत की संप्रभुता के खिलाफ हैं। भारत ने दोहराया कि पाकिस्तान को अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करना चाहिए और ऐसे कदमों से बचना चाहिए जो क्षेत्रीय स्थिति को प्रभावित करते हों। भारत ने गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रस्तावित चुनावों को पूरी तरह निरर्थक और अवैध बताया।
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को लेकर जारी तनाव के बीच यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने एक बार फिर अपने रुख को स्पष्ट करते हुए सीमा, संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता न करने का संकेत दिया है। वहीं, सिंधु जल संधि और सीमा संबंधी मामलों को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियों पर भी नजर बनी हुई है।


