नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान Lok Sabha में महिला आरक्षण बिल पर जोरदार चर्चा देखने को मिली। सरकार ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया, जबकि विपक्ष ने बिल के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए। बहस के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली, जिससे सदन का माहौल काफी गर्म रहा।
गृह मंत्री Amit Shah ने चर्चा के दौरान विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष “अगर-मगर” की राजनीति कर रहा है और महिलाओं को उनका अधिकार देने में देरी करना चाहता है। उन्होंने कहा कि यह बिल देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी में मजबूत करेगा और आने वाले समय में राजनीति का चेहरा बदलेगा। शाह ने सभी दलों से अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर बिल का समर्थन करें।
विपक्षी दलों ने हालांकि बिल के लागू होने की समयसीमा और जनगणना से जुड़े प्रावधानों पर चिंता जताई। उनका कहना है कि सरकार को इसे जल्द लागू करने के लिए स्पष्ट रोडमैप देना चाहिए। महिला आरक्षण बिल पर जारी यह बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है, क्योंकि इसे ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम माना जा रहा है।


